भाजपा ने साधा केजरीवाल पर निशाना
- भाजपा ने मामले में मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की सक्रियता पर साधा निशाना
- कहा, सोनिया गांधी की गिरफ्तारी की मांग पिछले दरवाले से मदद करने का षड्यंत्र
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दिल्ली प्रदेश भाजपा के नेताओं ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सक्रियता पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी की सक्रियता असल में उनकी पिछले दरवाजे से मदद करने का षड्यंत्र है।
पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री व सांसद रमेश बिधूड़ी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा किया। इस दौरान मीडिया प्रभारी प्रवीण कपूर, प्रवक्ता अश्वनी उपाध्याय भी उपस्थित थे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाकर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में बिना पूर्ण जांच के सोनिया गांधी को गिरफ्तार कराना चाहते हैं। क्योंकि कोर्ट में कमजोर केस पहुंचे और उसका लाभ सोनिया गांधी व अन्य लोगों को मिले। इस तरह सोनिया गांधी और अन्य लोग आसानी से बरी हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री की यह सारी राजनीति आगामी पंजाब चुनाव को लेकर है।
इसके बाद अरविंद केजरीवाल तब देश के सामने सोनिया गांधी के साथ खड़े नजर आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की यह सारी राजनीति आगामी पंजाब चुनाव को लेकर है। उन्हें पंजाब में सत्ता में आने का एक स्वप्न है, जहां उन्हें सत्ताधारी अकाली-भाजपा गठबंधन बाधक नजर आता है, तो कांग्रेस भी एक खतरा दिखती है। केजरीवाल केवल व्यक्तियों को कलंकित करने की राजनीति करते रहे हैं और आज भी वह उसी के सहारे राजनीति करना चाह रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पंजाब चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री भाजपा और कांग्रेस के बीच अगस्ता वेस्टलैंड पर डील की बात कर रहे हैं, जबकि देश जानना चाहता है कि दिसंबर 2013 में उनके और संदीप दीक्षित के बीच हुई मीटिंग में कौन सी डील हुई थी, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस के समर्थन से सरकार भी बनाई और उस दिन के बाद से आज तक शीला दीक्षित सरकार के किसी भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं बोलते।
दूसरी ओर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का शीला दीक्षित पर कार्रवाई एसीबी में अटकी होने का तर्क भी हास्यास्पद है। अगर एसीबी कार्रवाई नहीं कर रही, तो केजरीवाल सरकार को न्यायालय जाने से कौन रोक रहा है। सरकार आगे बढ़े और न्यायालय में शीला दीक्षित सरकार के विरुद्ध 370 पृष्ठों के सबूतों के आधार पर केस दर्ज कराए।