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भाजपा के चुनाव चिह्न पर खतरा, कमल को लेकर कोर्ट में याचिका

Sat, 12 Dec 2015 12:45 PM IST
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:45 PM IST
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BJP's election symbol threat, petition for forfeiture of lotus

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव चिह्न को जब्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में तर्क रखा गया है कि कमल भगवान की अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

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ऐसे में कमल का चुनाव के दौरान उपयोग गैरकानूनी है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान याची अधिवक्ता द्वारा हिंदी में जिरह करने पर अदालत ने याचिका किसी अन्य खंडपीठ के पास सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दी।
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दरअसल, मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी दक्षिण भारत से हैं और वे हिंदी समझने में असमर्थ हैं। ऐसे में उन्होंने सुनवाई करने में असमर्थता जता दी।

याचिका पर सुनवाई 5 जनवरी को

BJP's election symbol threat, petition for forfeiture of lotus

अदालत ने याचिका पर सुनवाई 5 जनवरी तय की है। याची ने अदालत से आग्रह किया कि कानून एवं न्याय मंत्रालय व भारतीय निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया जाए कि कमल चिन्ह को चुनाव सूची से हटाया जाए।


इतना ही नहीं राष्ट्र हित में भाजपा को आवंटित कमल चिन्ह को भी हटाने का निर्देश दिया जाए। याची एनजीओ ने तर्क रखा कि कमल (लोट्स) भगवान की अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है और यह पवित्रता और कोमलता का प्रतीक है।

ऐसे में किसी भी पार्टी को कमल चिन्ह आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। इससे आम लोगों की श्रद्धाभाव को आघात लगता है।

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