भाजपा के लिए मुसीबत बने उसी के विधायक
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दिल्ली में भाजपा के विधायक ही उसके लिए मुसीबत बने हुए हैं। शनिवार को पत्रकार सम्मेलन में जब प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय से सरकार बनाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो बहुमत में नहीं हैं।
जब उनसे विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसकी सूचना प्रदेश अध्यक्ष को नहीं है। अगर ऐसा है तो वो सातों विधायकों के नाम क्यों नहीं उजागर करते।
वो विधूड़ी से पूछेंगे किस आधार पर उन्होंने 24 घंटे में सरकार बनाने का दावा किया है। रामवीर सिंह ने कहा था कि उनके संपर्क में आम आदमी पार्टी के सात विधायक हैं।
‘सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने पर आमादा है AAP’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने पर आमादा है। इसका प्रमाण यह है कि पुलिस ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को बिना किसी प्रिंट लाइन के होर्डिंग-पोस्टर लगाते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
उपाध्याय ने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब आप नेताओं ने सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। पहले भी वह बटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल उठा चुकी है। पर्चा बांट कर समुदाय विशेष से वोट देने की अपील भी की गई।
लोकसभा चुनाव के दौरान आप संयोजक अरविंद केजरीवाल उत्तर प्रदेश जाकर तौकीर रजा से भी मुलाकात कर चुके हैं। इतना ही नहीं प्रशांत भूषण कश्मीर में अलगाववाद का समर्थन कर चुके हैं।
'अपनी जमीन खो चुके हैं केजरीवाल'
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल का यह आरोप कि दिल्ली पुलिस ने किसी राजनीतिक दबाव में उनके नेता दिलीप पांडेय को गिरफ्तार किया, बेबुनियाद है, क्योंकि पुलिस ने वीडियो क्लिप सहित पूरे साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की है।
उपाध्याय ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं। दिल्ली की जनता भी उनकी राजनीति को समझ चुकी है।
केजरीवाल के अनर्गल आरोप उनकी बौखलाहट को दर्शा रहे हैं। आम आदमी पार्टी दिलीप पांडे की गिरफ्तारी से अपने ही बुने जाल में फंस चुकी है। पार्टी की पोल खुल गई है।