6 फॉर्मूले, जिनसे बन सकती है भाजपा सरकार
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दिल्ली में सरकार बनाने की मुहिम में जुटी भाजपा ने छह फार्मूले तैयार किए हैं। इस फार्मूले पर पार्टी के आलाकमान भी तैयार हैं। इन फार्मूलों में शाम, दाम, दंड, भेद सभी शामिल हैं।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि फार्मूला नंबर वन को पार्टी की हरी झंडी मिल चुकी है और कांग्रेस पार्टी के छह विधायकों की सहमति भी है। एक सप्ताह के भीतर इस फार्मूले पर ही भाजपा की सरकार बनेगी।
आगे स्लाइड में पढ़िए क्या हैं वो फॉर्मूले:
फॉर्मूला नंबर-एक: अल्पमत वाली सरकार
अगर उपराज्यपाल चाहें तो सबसे बड़ी पार्टी के नाते भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता दे सकते हैं। केंद्र में नरसिम्हा राव की सरकार ऐसे ही चली थी। उसी तर्ज पर फ्लोर टेस्ट में कुछ विधायकों को अनुपस्थित कराया जा सकता है।
फॉर्मूला नंबर-दो: डिफेक्शन करा कर
गैर भाजपा दलों के दो तिहाई विधायक अपनी अलग पार्टी बना लें और सरकार बनाने वाली पार्टी को समर्थन दे दें। कांग्रेस पार्टी के छह विधायक अलग दल बना भाजपा को समर्थन दे कर सरकार बनाने का मैजिक आंकड़ा पूरे करा सकते हैं। इसी फॉर्मूले के तहत टूटे हुए विधायकों को शिरोमणि अकाली दल में शामिल करा कर समर्थन लिया जा सकता है।
फॉर्मूला नंबर-तीन: ‘आप’ के पांच विधायकों का इस्तीफा
आम आदमी पार्टी के पांच विधायक पद से इस्तीफा दे दें। इस स्थिति में विधानसभा में 62 विधायक ही बचेंगे। ऐसे में भाजपा को सरकार बनाने के लिए 32 विधायकों की ही जरूरत होगी। उसके पास 29 विधायक हैं, एक निर्दलीय विधायक और एक ‘आप’ से निष्कासित विधायक भाजपा केसमर्थन में हैं।
फॉर्मूला नंबर-चार: फ्लोर टेस्ट में ‘आप’ का समर्थन
सदन में फ्लोर टेस्ट के दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ विधायक भाजपा केसमर्थन में वोट कर दें। ऐसी स्थिति में भी भाजपा की सरकार बन सकती है।
फॉर्मूला नंबर-पांच: ‘आप’ के विधायक भाजपा में
‘आप’ के विधायक भाजपा में शामिल हो जाते हैं या शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो जाते हैं तो भाजपा की सरकार बन सकती है। यहां भी भाजपा दल बदल कानून की अनदेखी करने को तैयार है।
फॉर्मूला नंबर-छह: फ्लोर टेस्ट में अनुपस्थित करा कर
बहुमत साबित करने के वक्त कुछ विधायकों को अनुपस्थित करा दिया जाए। अगर पार्टी सदस्यों के उपस्थित रहने का व्हीप जारी करती है तो सदस्यता खत्म करने का अधिकार स्पीकर केहाथ में होता है। सरकार बनती है तो स्पीकर भी सरकार बनाने वाली पार्टी का ही होगा।