वोटर्स को उन्हीं की भाषा में रिझा रही है बीजेपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी लगातार अपनी रणनीतियों में बदलाव लाती जा रही है। इस बार भी कुछ ऐसा ही है। पार्टी सबसे पहले दिल्ली के उन वोटर्स को खुद से जोड़ना चाहती है जो दिल्ली में अन्य राज्यों से आकर बस गये हैं।
इस पोस्टर अभियान में पूर्वांचल से दिल्ली में आकर बसने वाले वोटर्स को आकर्षित करने के लिए पूर्वांचली और मैथिली में भाजपा का संदेश देते पोस्टर्स लगाये जा रहे हैं।
इसके अलावा, गुरुमुखी और उर्दू के पोस्टर पंजाबी और मुस्लिम तबके तक अपनी पहुंच को मज़बूत करने के लिए दिल्ली की दीवारों पर दिखाई दे रहे हैं। ये पोस्टर अभियान की मदद से बीजेपी इस समुदाय के लोगों को अपना बना लेना चाहती है, जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों में उसे इसका फायदा मिल सके।
भाजपा इस अभियान के जरिए जहां एक ओर सभी भाषाओं के प्रति समान नजरिए का संदेश देने की कोशिश में है। वहीं दूसरी ओर अपनी बात को इन समुदायों को उन्ही की भाषा में समझाना चाहती है, जिससे पार्टी का भिन्न समुदायों के साथ एक बेहतर रिश्ता कायम हो सके।
दिल्ली में क्या है भाषाई आंकड़ा
दिल्ली के कुल वोटर्स का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा पूर्वांचल के रहने वाले वोटर्स का है जो वहां से स्थानांतरित होकर दिल्ली में बस गये हैं। इसके अलावा दिल्ली का लगभग 30 प्रतिशत वोटर पंजाबी समुदाय से ताल्लुक रखता है। इसी तरह लगभग 15 प्रतिशत वैश्य तो वहीं 15 प्रतिशत मुस्लिम भी दिल्ली के वोटर्स में अपनी हिस्सेदारी रखते हैं।
इसके अलावा 11 प्रतिशत गुर्जर और 7 प्रतिशत वोटर जाट समुदाय से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कहीं ना कहीं पार्टी को उम्मीद है कि भाषाई पोस्टर अभियान से उसे कुछ ना कुछ फायदा जरुर मिलेगा।
पार्टी का उद्देश्य अलग राज्यों में अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोगों तक अपनी पहुँच बनाने की भी योजना है जिसमें दक्षिण भारतीय,पहाड़ी इलाकों हिमांचल प्रदेश और उत्तराखंड में रहने वाले लोग शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी की यूथ विंग भाषा के अनुरुप ही विधानसभाओं में पोस्टर्स लगाती नजर आ रही है।
बुराड़ी, सीमापुरी, उत्तम नगर, गोकलपुरी, नांगलोई, किरारी, बदली ये वो इलाके हैं जहां पूर्वांचली वोटर्स की संख्या ज्यादा है। ऐसे में यहां पोस्टर्स पूर्वांचली भाषा के अनुरुप ही लगाए जा रहे हैं।
भाषा के बहाने जुड़ेगा इनसे रिश्ता
यहां लगाए गए पोस्टर्स में भारतीय जनता पार्टी मैथिली कवि विद्यापति की याद दिला कर समुदाय के लोगों से रिश्ता बनाने की कोशिश में है। पश्चिमी दिल्ली में रह रहे सिख समुदाय के लोगों के लिए गुरुमुखी भाषा में पोस्टर्स बीजेपी की तरफ से लगाये गये हैं।
पुरानी दिल्ली में जहां मुस्लिम वोटर्स की संख्या ज्यादा है वहां उर्दू भाषा के जरिये बीजेपी अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना चाहती है। बीजेपी यूथ विंग के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य गौरव पांडे के मुताबिक भाषा एक बेहतर तरीका है जिसके जरिए लोगों तक अपनी पहुँच बनाया जा सकती है।
द्वारका, बुराड़ी, पटपड़गंज, द्वारका के अलावा दिल्ली के उत्तरी पूर्वी दिल्ली में भाजपा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी यहां के पूर्वांचली वोटर्स को बीजेपी से जोड़ने की योजना बना रही है।
गौरव पांडे के मुताबिक दिल्ली भाजपा के इंचार्ज प्रभात झा पूर्वांचल से सम्बन्धित हैं और इसी वजह से इस तरह का कदम उठाया गया है। इस समुदाय के लोग दिल्ली की राजनीति में हमेशा से प्रभावी भूमिका निभाते रहे हैं।