{"_id":"5c46557cbdec22738813a7dc","slug":"bjp-leaders-raised-demand-to-cancel-the-recognition-of-aap","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेताओं ने उठाई आप की मान्यता रद्द करने की मांग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेताओं ने उठाई आप की मान्यता रद्द करने की मांग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल
Tue, 22 Jan 2019 04:57 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 22 Jan 2019 04:57 AM IST
विज्ञापन
चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर लौटते बीजेपी नेता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर समाज को जातियों में बांटने, चुनाव आयोग के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और उसके खिलाफ मतदाता सूची से वोट कटवाने का दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त से उसकी मान्यता रद्द चुनाव चिन्ह जब्त करने की मांग की है। प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन
प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने बताया कि ज्ञापन में दिल्ली के लोगों को धर्म-जाति में बांटने के खिलाफ आप पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 4 व 6 दिसंबर को कई ऐसे बयान जारी किया गए हैं, जिनमें दिल्ली के मतदाताओं को धर्म एवं जाति में बांटकर उनके वोट कटने का झूठा दुष्प्रचार किया गया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाकर उसके सम्मान को ठेस पहुंचाई है। चुनाव आयुक्त से मांग की गई है कि वह आप संयोजक, नेताओं व पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पार्टी की मान्यता रद्द कर चुनाव चिन्ह जब्त करें, ताकि देश की एकता व अखंडता को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वालों को सबक मिले। उन्होंने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप ने दिल्ली की जनता को जाति-धर्म में बांटकर देशद्रोही जैसा बर्ताव किया है। आप नेता दिल्ली में अपनी हार को लेकर इतने डरे हुए हैं कि दुष्प्रचार का सहारा लेकर भाजपा को बदनाम करना चाहते हैं। वोट कटने व वोट जुड़ने की एक संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन केजरीवाल खुद को ही चुनाव आयोग समझे बैठे हैं। बिना तथ्यों के कोई भी अनर्गल बात करने से नहीं चूकते हैं।
विज्ञापन