महंगाई पर भाजपा नेता का बेतुका बयान
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देश में सत्ता बदली और चेहरे भी बदल गए लेकिन अगर कुछ नहीं बदला है तो वो है नेताओं की बेतुकी बयानबाजी का तरीका। सरकार चाहे जिसकी हो सत्ता में आते ही नेताओं की जुबान अपने आप फिसलने लगती है।
मौजूदा हालात में अगर देखा जाए तो पूरे देश की जनता महंगाई से त्रस्त है और लगातार इसके खिलाफ आवाज भी उठा रही है।
वहीं, केंद्र सरकार के नेता इस पर कोई ठोस रणनीति बनाने या लोगों को राहत देने के बजाय अपनी बेतुकी बयानबाजी से आम जनता के जले पर नमक छिड़क रहे हैं।
'जिनके गाल लाल होते हैं, वही टमाटर खाते हैं'
देश भर में टमाटर का भाव सौ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। टमाटर समेत दूसरी हरी सब्जियों के बढ़ते दाम ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। सब्जी से टमाटर तो पूरी तरह गायब होता दिख रहा है।
लेकिन केंद्र में सत्ताधारी भाजपा के नेता इस बढ़ती महंगाई को कम करने के उपायों के बजाय महंगाई की नई परिभाषा देने में जुटे हैं।
भाजपा के दिल्ली प्रभारी और राज्यसभा सांसद प्रभात झा के मुताबिक टमाटर वही लोग खाते हैं जिनके गाल लाल होते हैं। यानी जिनके पास पैसा होता है।
आम आदमी के लिए झटका है ये बयान
लगातार बढ़ रही टमाटर की कीमतों पर जब प्रभात झा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अमीर लोग ही टमाटर खाते हैं, जिनके गाल लाल होते हैं। उनके पास पैसे होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सब्जियों की कीमतों में थोड़ा इजाफा होने से भाजपा सरकार को खराब कहना ठीक नहीं है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता का ये बयान आम जनता के लिए जोरदार झटका है। नेताजी के बयान की सीधा मतलब यही है कि देश की गरीब जनता टमाटर खाती ही नहीं।