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BJP ने खास कोड से लड़ा दिल्ली नगर निगम का चुनाव

Sat, 25 Apr 2015 07:46 PM IST
Updated Sat, 25 Apr 2015 07:46 PM IST
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BJP had fought with a certain code of MCD polls

दक्षिण दिल्ली नगर निगम के मेयर व डिप्टी मेयर के गत वर्ष के चुनाव परिणाम के चलते भाजपा ने इस बार अपने अधिकतर पार्षदों पर विश्वास नहीं किया। प्रदेश नेतृत्व ने करीब आधा दर्जन पार्षदों के अलावा अन्य समस्त 44 पार्षदों को मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव में मतपत्र पर मोहर लगाने का कोड दिया।

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इसका खुलासा मतगणना के दौरान हुआ। दोनों पदों के मतपत्रों पर भाजपा के उम्मीदवारों के नाम वाले बाक्स में एक मोहर नहीं, बल्कि एक से लेकर सात तक मोहर लगी हुई थी।

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भाजपा गत वर्ष मेयर चुनाव मात्र एक वोट से जीत सकी थी और डिप्टी मेयर चुनाव वह 13 वोट से हार गई थी। इतना ही नहीं, गत वर्ष डीडीए सदस्य के चुनाव में उनके प्रदेर्श अध्यक्ष मात्र एक वोट से जीत सके थे।
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इस वजह की तैयारी की बीजेपी ने

BJP had fought with a certain code of MCD polls

जबकि भाजपा के कांग्रेस से 13 पार्षद अधिक है और बहुमत के आंकड़े के करीब है। इसके मद्देनजर भाजपा ने इस बार मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग होने से रोकने के लिए जबरदस्त तैयारी की।


मतगणना के दौरान मतपत्रों पर लगी मोहर देखकर साबित हो रहा है कि भाजपा ने अपने अधिकांश पार्षदों की नीयत पर शक था। मेयर पद के उम्मीदवार सुभाष आर्य को मिले 60 मतों में से करीब चार दर्जन मतों पर उनके नाम के बॉक्स में दो से सात मोहर लगी हुई मिली।

इसी तरह डिप्टी मेयर के उम्मीदवार कुलदीप सोलंकी को मिले 69 मतों से में भी चार दर्जन मतों पर कई-कई मोहर लगी हुई थी। खास बात यह है कि मतपत्रों पर मोहर अलग-अलग ढंग से लगी हुई थी।

पार्षदों को दिया गया था एक खास कोड

BJP had fought with a certain code of MCD polls

भाजपा नेताओं ने अपने समस्त पार्षदों को डमी बैलेट पेपर दे रखे थे और उन पर उनको दिए गए कोड के अनुसार मोहर लगी हुई थी। मत डालने के लिए नंबर आने से पहले भाजपा पार्षद डम्मी बैलेट पेपर को बार-बार देखते नजर आए।


इस संबंध में जब अमर उजाला ने जांच पड़ताल की कि तो पार्षदों के पास मौजूद डम्मी बैलेट पेपर में मेयर व डिप्टी मेयर पद के चुनाव में मतपत्र पर मोहर लगाने के अलग-अलग कोड मिले।

खास बात यह है कि चुनाव प्रक्रिया से पहले भाजपा की इस कार्रवाई के बारे में खुलासा हो गया था। कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार फरहाद सूरी ने भाजपा पर पार्षदों को स्वतंत्र तौर पर मतदान करने से रोकने का आरोप लगाया था।

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