जेल में केजरीवाल, गणित लगा रही भाजपा
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गडकरी मानहानि मामले में आप नेता केजरीवाल को भले ही अदालत ने जमानत न लेने पर जेल भेज दिया हो लेकिन भाजपा उनके जेल प्रकरण को लेकर नफे-नुकसान के आकलन में जुट गई है।
कोर्ट परिसर में भाजपा के नेता व वकील इसकी टोह लेने के घूमते देखे गए। यह भी आकलन किया जा रहा है कि यदि दिल्ली में चुनाव घोषित हो गए तो क्या स्थिति होगी।
केजरीवाल को जेल भेजे जाने के दौरान 21 मई को गडकरी के वकीलों से लेकर भाजपा नेता काफी खुश नजर आ रहे थे। उनका मानना था कि केजरीवाल की पोल खेलकर उन्होंने जंग जीत ली और आम लोगों के बीच केजरीवाल का पर्दाफाश किया है।
केजरीवाल के बांड पर भी नजर
केजरीवाल के जेल जाने के बाद जिस प्रकार समाचार पत्रों में खबरें आई उससे भाजपा नेताओं को सोचने के लिए मजबूर कर दिया कि क्या उन्होंने ठीक किया या गलत।
उनका मानना है कि मीडिया ने हालांकि केजरीवाल की गिरफ्तारी को ड्रामा करार दिया है लेकिन आम लोगों में उसका क्या संदेश गया।
शुक्रवार को भाजपा से जुड़े वकीलों की टीम मीडियाकर्मियों को जमानती बांड यानि फार्म नंबर 45 के जरिए यह समझाने में लगे रहे कि यह मात्र औपचारिकता ही है। बांड भरने पर केजरीवाल को पैसे जमा नहीं करवाने थे और आम लोगों को यह बताना जरुरी है।
भाजपा हाईकमान मुद्दे पर गंभीर
गडकरी के अधिवक्ता ने भी माना कि हाईकमान इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। यह आकलन किया जा रहा है कि केजरीवाल के जेल जाने से भाजपा को फायदा मिला है या फिर केजरीवाल को।
वहीं गडकरी के खासम खास एक नेता तो मीडियाकर्मियों से जानने में लगे रहे कि आप बताए कि भाजपा को कहां तक फायदा हुआ है और कहां तक नुकसान। इतना ही नहीं वे अपने मोबाइल से पल-पल की खबर गडकरी को देते हुए भी नजर आए।
भाजपा में इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि कहीं दिल्ली में चुनाव की घोषणा न हो जाए। यदि चुनाव की घोषणा के बाद भी केजरीवाल जमानत न ले तो किसे फायदा होगा किसे नुकसान।