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Delhi NCR News: लावारिश पशु के हमले में भाजपा पार्षद घायल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में लावारिश पशुओं का आतंक एक बार फिर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। पूर्वी दिल्ली के मंडावली वार्ड की भाजपा पार्षद शशि चंदना लावारिश पशु के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद एमसीडी की लावारिश पशु प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
शशि चंदना मंदिर से लौट रही थीं। इसी दौरान लावारिश पशु ने उन्हें सींगों पर उठाकर उछाल दिया, जिससे वह सड़क पर सिर के बल गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
20 वर्षों में नई गोशाला नहीं
वर्ष 2023-24 में एमसीडी ने 17,632 पशुओं को पकड़ा था, जबकि 2024-25 में यह संख्या घटकर 13,780 रह गई। वहीं, गोशालाओं की स्वीकृत क्षमता 19,838 पशुओं की है, लेकिन इनमें 20,485 से अधिक पशु रखे जा चुके हैं। क्षमता पूरी होने के कारण कई गोशालाएं नए पशुओं को लेने में असमर्थ हैं। पिछले 20 वर्षों में राजधानी में कोई नई गोशाला भी नहीं बनाई गई है।
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नई दिल्ली। राजधानी में लावारिश पशुओं का आतंक एक बार फिर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। पूर्वी दिल्ली के मंडावली वार्ड की भाजपा पार्षद शशि चंदना लावारिश पशु के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद एमसीडी की लावारिश पशु प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
शशि चंदना मंदिर से लौट रही थीं। इसी दौरान लावारिश पशु ने उन्हें सींगों पर उठाकर उछाल दिया, जिससे वह सड़क पर सिर के बल गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
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20 वर्षों में नई गोशाला नहीं
वर्ष 2023-24 में एमसीडी ने 17,632 पशुओं को पकड़ा था, जबकि 2024-25 में यह संख्या घटकर 13,780 रह गई। वहीं, गोशालाओं की स्वीकृत क्षमता 19,838 पशुओं की है, लेकिन इनमें 20,485 से अधिक पशु रखे जा चुके हैं। क्षमता पूरी होने के कारण कई गोशालाएं नए पशुओं को लेने में असमर्थ हैं। पिछले 20 वर्षों में राजधानी में कोई नई गोशाला भी नहीं बनाई गई है।
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