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'मोदी के सपने' पूरे करने को तोड़ी आचार संहिता!
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 16 Sep 2014 08:58 PM IST
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गुड़गांव में आचार संहिता का खुला उल्लंघन हो रहा है। चुनाव आयोग ने चुनाव सामग्रियों के लिए कुछ नियम निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार पोस्टर, पर्चा हो या अन्य प्रचार सामग्री उस पर प्रकाशक, मुद्रक और जारीकर्ता का पता अंकित होना जरूरी है।
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मंगलवार को गुड़गांव के तकरीबन सभी घरों में अखबारों के माध्यम से एक फ्लाइंग सीट पहुंची है। इसमें गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी उमेश अग्रवाल के प्रचार के साथ-साथ वर्तमान विधायक पर जमकर निशाना साधा गया है। मगर आश्चर्य की बात यह है कि इस पेपर पर प्रकाशक-मुद्रक का नाम गायब है।
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दो पेज वाली यह फ्लाइंग सीट लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके एक तरफ अखबारों की उन खबरों की कतरनों को लगाया गया है जिसमें क्षेत्र की समस्याओं, घोटालों और खराब कानून-व्यवस्था का जिक्र है। इसके माध्यम से गुड़गांव क्षेत्र के विधायक और प्रदेश सरकार को घेरने का प्रयास किया गया है।
वहीं इसी पेज पर शहर के विकास का आइना दिखाने का फोटो के माध्यम से प्रयास किया गया है। इसमें राजेन्द्रा पार्क व ग्रीन बेल्ट की गंदगी, ओल्ड दिल्ली रोड की जर्जर सड़क, ट्रैफिक व्यवस्था, बिजली के लटके तारों और अधूरे पड़े कामों को दिखाया गया है।
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फ्लाइंग सीट की दूसरी ओर के बाई साइड पर भाजपा प्रत्याशी उमेश अग्रवाल की प्राथमिकताओं को गिनाया गया है। दाहिने भाग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोटो के साथ 'ताकि पूरे हों प्रधानमंत्री के सपने' एक लेख प्रकाशित किया गया है।
इस पेज के निचले आधे भाग में प्रत्याशी के प्रचार अभियान की कई फोटो छापी गई हैं। इस सब के प्रकाशन में आचार संहिता का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा गया है। प्रकाशक-मुद्रक और जारी करने वाले का पता भी अंकित नहीं है।