फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Assembly Election 2020 BJP and Congress will target AAP

Delhi Election 2020: केजरीवाल को इन वादों पर घेरने के लिए तैयार है भाजपा और कांग्रेस

Tue, 07 Jan 2020 11:20 AM IST
Abhishek Singh जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 07 Jan 2020 11:20 AM IST
विज्ञापन
Delhi Assembly Election 2020 BJP and Congress will target AAP
आप-कांग्रेस- भाजपा - फोटो : फाइल फोटो

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी अपने पांच साल के कार्यों को लेकर चुनाव मैदान में उतर रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा, केजरीवाल को उनके द्वारा किए गए वादों पर घेरने के लिए तैयार है। पिछले विधानसभा चुनाव में आप ने दिल्ली की जनता से कई वादे किए थे। उनमें दिल्ली जनलोकपाल बिल नंबर एक पर था तो स्वराज विधेयक को नंबर दो पर रखा गया। इनके जरिए आप ने भ्रष्टाचार से लड़ने की अपनी मंशा को पहले से कहीं ज्यादा पुख्ता किया था। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के संकल्प के अलावा आप ने दिल्ली के विकास से जुड़े विभिन्न 70 एजेंडों पर काम करने की बात कही थी। 

विज्ञापन

 

विज्ञापन


कांग्रेस और भाजपा नेताओं का कहना है कि आप ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया है।चुनाव में दिल्ली की जनता को बताया जाएगा कि केजरीवाल ने पांच साल पहले जो वादे किए थे, आज उनकी स्थिति क्या है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2015 के चुनाव में दिल्ली की जनता से अनेक वादे किए थे। उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र को कोई मामूली चुनावी दस्तावेज न बताकर उसे पार्टी की गीता, बाइबिल, कुरान और गुरू ग्रंथ साहिब बताया था। उनका कहना था कि आप की सरकार बनने पर इस घोषणा पत्र को इसके मूल रूप में लागू किया जाएगा। वह घोषणा पत्र तैयार करने के लिए आप नेताओं ने चार महीने तक गहन शोध किया था। केजरीवाल ने कहा था कि हम ऐसी दिल्ली चाहते हैं जहां हर कोई खुद को इसका बाशिंदा कहने पर गर्व महसूस करे। 

दिल्ली जनलोकपाल और स्वराज विधेयक की स्थिति क्या है...

केजरीवाल का कहना था कि दिल्ली सरकार के सभी अधिकारी, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक भी शामिल हैं, जनलोकपाल की जांच के दायरे में आएंगे। दिल्ली सरकारी के अफसरों को अपनी परिसंपत्तियों की सालाना घोषणा करनी होगी। इसके अलावा अघोषित परिसंपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान भी होगा। 

भ्रष्टाचार के सभी मामलों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित होगी। दिल्ली के लोकपाल को भ्रष्टाचार के आरोपी लोगों के खिलाफ जांच और अभियोजन शुरू करने की शक्ति दी जाएगी। सभी सरकारी दफ्तरों में नागरिक चार्टर लागू होगा। विह्सलब्लोअर्स को सुरक्षा मिलेगी। स्वशासन और सबसे बेहतर प्रशासन के लिए स्वराज विधेयक लाएंगे। स्थानीय समुदायों को सूक्ष्म स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता प्रदान की जाएगी। नौकरशाहों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की बजाए फैसले लेने की राजनीतिक क्षमता आम लोगों के हाथों में होगी। स्थानीय समुदाय को प्रभावित करने वाले निर्णय वहां के नागरिक लेंगे और उन्हें सचिवालय द्वारा लागू किया जाएगा। मोहल्ला सभा को और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए अलग से फंड मिलेगा। 

कांग्रेस पार्टी के नेता देवेंद्र यादव कहते हैं कि दिल्ली की जनता भी समझती है कि इन वादों में से कितने पूरे हुए हैं।दिल्ली के विकास की जो तस्वीर आज लोग देख रहे हैं, वह शीला दीक्षित सरकार के कामों का नतीजा है। इस बाबत आप नेताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र वाले बिलों को पास कर केंद्र सरकार के पास भेज दिया है।जनलोकपाल बिल और पूर्ण राज्य, जैसे वादे पूरे होने में अब कोई देरी हो रही है तो उसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। 

इस वादे पर विपक्षी दल चुप रह जाते हैं...

आप ने बिजली बिलों में पचास फीसदी छूट और 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की बात कही थी।यह छूट लंबे समय तक सब्सिडी पर न टिकी रहे, इसके लिए भी पार्टी ने विस्तृत योजना तैयार की थी। बिजली क्षेत्र में बुनियादी बदलाव होंगे।बिजली कंपनियों की ऑडिट रिपोर्ट आएगी तो बिजली दरें खुद-ब-खुद आधी रह जाएंगी। बिजली के ट्रांसमीशन और वितरण की कमियां दूर होंगी। कोयले की क्वालिटी सुधारी जाएगी और उसे बिजली संयंत्र तक लाने के लिए परिवहन साधनों में भी बदलाव होगा।सौर ऊर्जा पर ज्यादा फोकस रहेगा। बिजली को लेकर विपक्षी दल ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। 

आप नेता सोमनाथ भारती कहते हैं कि दूसरे राज्य भी दिल्ली की बिजली पानी और शिक्षा नीति को अपने यहां लागू करने के लिए तत्पर हैं।चुनाव में दिल्ली की जनता विपक्षी दलों को जवाब दे देगी।आप ने दिल्ली के लोगों को जीवन और खाने की तर्ज पर पानी का अधिकार देने की बात कही थी।ये वादा पूरा किया गया है।

दिल्ली जल बोर्ड के एक्ट में संशोधन कर स्वच्छ पानी के अधिकार का प्रावधान कर दिया है। लोगों को एक सीमा तक मुफ्त पानी मिल रहा है। सुरक्षा के लिए 15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना जारी है। पूरे शहर में मुफ्त वाई फाई की सुविधा देने पर काम हो रहा है। हर बस में एक सुरक्षा गार्ड की तैनाती कर दी गई है। आप नेता राघव चड्ढा कहते हैं कि इस मामले में विपक्षी की बोलती बंद है।ये सारे काम दिल्ली की जनता के सामने हो रहे हैं। चुनाव में इसका फायदा आप को मिलेगा। 

आप का वादा, चार हजार नए डॉक्टर भर्ती होंगे... 

आप ने पिछले चुनाव में चार हजार नए डॉक्टर भर्ती करने के अलावा अस्पतालों में 30 हजार नए बिस्तरों का इंतजाम करने की बात कही थी।दिल्ली में स्वास्थ्य का बजट 27 सौ करोड़ से बढ़ाकर चार हजार करोड़ रुपये करने और अस्पतालों में कार्यरत सहयोगी स्टाफ के 15000 रिक्त पद भरने का वादा किया था।अस्थायी नियुक्तियों का प्रावधान समाप्त करने, शिशुओं और बच्चों के लिए रोग प्रतिरक्षक प्रणाली को शत प्रतिशत निशुल्क बनाने, 300 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा 900 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलना, द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 10,600 से बढ़ाकर 40000 करने व 4000 बिस्तर विशेष रूप से प्रसूति बेड बनाने का वादा किया गया। 

दिल्ली के प्रत्येक अस्पताल में नेत्र और दंत चिकित्सा देखभाल केन्द्रों की स्थापना, जेनेरिक दवाओं के लिए अधिक दुकानें खोलना, सभी अस्पतालों में ऑनलाइन अपायनमेंट की सुविधा देने, सभी अस्पतालों में इमरजेंसी बिस्तरों की संख्या में 10 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी करने और 500 सस्ती दवा दुकानों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क दवाओं की सुविधा मुहैया कराने का वादा किया गया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केजरीवाल सरकार की स्वास्थ्य नीति पर सवाल खड़ा किया...
दिल्ली में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वह दिल्ली की जनता से कहना चाहते हैं कि 5 साल सरकार चली है। अब उन्हें लोगों को उसका हिसाब किताब देना होगा। केजरीवाल अखबार के जरिए केवल बधाई हो बधाई कर रहे हैं। हमने कहा था कि लोगों को अपने घर का मालिक बनाएंगे। अनाधिकृत कॉलोनी के लोगों की रजिस्टरी शुरू कराई गई है। 

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान योजना लागू नहीं होने दी गई। 85000 झुग्गियों का सर्वे का काम शुरु हो गया है, साइकिल ट्रैक बन रहा है और यमुना का रीवर फ्रंट बन रहा है।इसके बनने से साबरमती की तरह छठ पूजा के लिए अलग से घाट बनाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।रैपिड ट्रांसपोर्ट, लैंड पूल, रेरा कानून जैसे कई काम किए हैं।शाह ने कहा, केजरीवाल ने क्या किया है।20 कॉलेज का वादा दूरबीन लगाकर खोज रहा हूं. अस्पताल का मॉडल दिखा दिया, लेकिन अस्पताल कहां हैं। 

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इन वादों पर भी विपक्षी दल आप को घेरेंगे...  

2015 में आप ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 500 नए स्कूल और 20 नए कालेज खोलने का भी दावा किया था।शिक्षा का अधिकार पांचवीं से बढ़ाकर 12 वीं कक्षा तक करने, सरकारी स्कूलों का स्तर केंद्रीय विद्यालयों और प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर बनाने की बात कही थी। इनके अलावा हेडमास्टर को पूरी स्वायत्ता देने, उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मुहैया कराने, शिक्षकों के खाली पड़े पद भरने और अनुबंध पर काम कर रहे शिक्षकों को स्थायी किया जाएगा, यह वादा भी प्रमुखता से किया गया। 

दिल्ली में दूर दराज के क्षेत्रों में स्थानीय गांवों की भागीदारी से 20 नए कालेज और वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने की बात कही गई।स्कूल एवं कालेजों में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, केजरीवाल ने यह वादा भी किया था।

इस बाबत आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कहते रहे हैं कि शिक्षा और स्वास्थ्य में जो काम दिल्ली में हुआ है, वह अपने आप में शानदार है।दिल्ली के लोग खुद इसकी सराहना करते हैं।लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से निकालकर उन्हें सरकारी स्कूलों में दाखिल करा रहे हैं।दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि इन दोनों क्षेत्रों में बहुत से वादे पूरे नहीं हुए हैं।पांच सौ स्कूल और बीस नए कालेज बनाने के वादे का क्या हुआ, जनता चुनाव में आप को इसका जवाब देगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed