प्रदूषण की चपेट में बेजुबान: दिल्ली में स्मॉग से हर कोई परेशान, सांस लेने में पक्षियों को भी हो रही दिक्कत
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिसका असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों पर देखा जा रहा।
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देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर पूरी तरह से स्मॉग की चादर में लिपटा हुआ है। प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिसका असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों पर देखा जा रहा। शनिवार सुबह को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया।
प्रदूषण की चपेट में पक्षी भी
पक्षियों पर प्रदूषण के असर पर पशुचिकित्सक हरअवतार सिंह ने कहा कि जिस तरह इंसानों को प्रदूषण के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उसी तरह से पक्षियों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। पक्षियों में सबसे ज्यादा कबूतरों की संख्या है। जिन लोगों के पास मुर्गियां हैं, उन्हें भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
#WATCH | Delhi: On the effect of pollution on birds, Veterinarian, Haravtar Singh says, "Just like humans are facing problems due to pollution similar situation is seen in birds. The heights number of birds are pigeon. People who have hens are also facing breathing… pic.twitter.com/5Yvdjc7kt9
— ANI (@ANI) November 4, 2023
हर दिन आठ से दस पक्षी आ रहे अस्पताल
आगे बात करते हुए कहा कि हर दिन लगभग 50 अलग अलग तरह के पक्षी आ रहे हैं। जो घायल अवस्था में या किसी समस्या से पीड़ित होकर हमारे अस्पताल में लाए जा रहे हैं। लेकिन जब से प्रदूषण बढ़ा है। तब से लगभग आठ से दस ऐसे पक्षी आ रहे हैं, जिन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
दिल्ली एनसीआर में एक्यूआई का स्तर
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली-एनसीआर का इलाका आज भी स्मॉग की चादर में लिपटा हुआ है। लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। शनिवार सुबह को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में एक्यूआई 448 दर्ज हुआ। जो 'गंभीर' श्रेणी में है। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 421, द्वारका सेक्टर-8 में 435 और आईजीआई एयरपोर्ट (टी3) के आसपास 421 दर्ज किया गया है। नोएडा सेक्टर-116 में एक्यूआई 426 और नोएडा सेक्टर 62 में 428 दर्ज हुआ।
अभी और प्रदूषित होगी दिल्ली एनसीआर की हवा
इस तरह की वायु गुणवत्ता को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 15-20 दिनों तक यहां इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में सभी लोगों को अलर्ट रहने और बचाव को लेकर उपाय करते रहने की आवश्यकता है। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, शुक्रवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति चार से छह किलोमीटर प्रतिघंटे से रही, जोकि बेहद कम गति है। शनिवार को हवाएं दक्षिण-पूर्व व पूर्व दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति चार से छह किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेंगी। ऐसे में हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।