फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rage within BJP for election ticket distribution - Delhi Assembly elections 2015

BJP की इस बड़ी गलती से कहीं टुकड़ों में न टूट जाए पार्टी

Fri, 23 Jan 2015 12:33 PM IST
Updated Fri, 23 Jan 2015 12:33 PM IST
विज्ञापन
Rage within BJP for election ticket distribution - Delhi Assembly elections 2015

प्रदेश भाजपा में यूं ही घमासान नहीं मचा है। संगठन की बागडोर संभालने वाले जहां सातों मोर्चों के अध्यक्ष टिकट पाने की दौड़ में पीछे छूट गए, वहीं 14 जिलाध्यक्षों में से एक को छोड़ सभी दरकिनार हुए।

विज्ञापन


लिहाजा ऊपरी तौर पर तो नहीं, लेकिन भीतर से बगावती तेवर अख्तियार किए हुए हैं। इसका उबाल प्रदेश कार्यालय पर दिख भी रहा है। यही नहीं, प्रदेश कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों का तो मोबाइल नंबर भी पहुंच से बाहर बता रहा है।
विज्ञापन


पार्टी ने टिकट के बंटवारे में मोर्चा अध्यक्षों की नहीं सुनी। युवा वर्ग के नाम पर पार्टी वोट मांग रही है, लेकिन युवाओं के नेतृत्व करने वालों को ही दरकिनार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं को तो पार्टी ने तरजीह दी है, लेकिन महिला मोर्चा के नेता दरकिनार हो गए। इसी तरह पूर्वांचल मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्षों में से किसी को टिकट नहीं मिला है।

जिलाध्यक्षों को लगा दिया किनारे

Rage within BJP for election ticket distribution - Delhi Assembly elections 2015

यही नहीं जिस दलित समुदाय के वोटर को साधने में पूरी पार्टी जुटी हुई है, उसी दलित मोर्चा के टीम के हिस्से को दरकिनार कर दिया गया है। किसानों की बात करने वाली पार्टी ने इस मोर्चा से जुड़े नेताओं को भी तरजीह नहीं दी है।

और तो और, जिलाध्यक्षों को भी पार्टी ने किनारे लगा दिया है। चांदनी चौक जिलाध्यक्ष तो टिकट पाने में सफल रहे, लेकिन केशवपुरम, उत्तर-पश्चिम, बाहरी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, नजफगढ़, महरौली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, करोल बाग, मयूर विहार, शाहदरा, नवीन शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिलाध्यक्षों पीछे छूट गए है।

लिहाजा चुनाव में इनके संगठन के भितरघात से बचना भाजपा के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। उधर, प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और महामंत्री आशीष सूद भी टिकट की दौड़ में पीछे रह गए। ऐसे में पूरे संगठन को एक जुट कर चुनाव लड़ाना उनके लिए भी भारी पड़ रहा है। नामांकन के दौरान टीम के कई लोग पूरे मन से सहयोग करते नहीं दिख रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed