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126 करोड़ के जमीन घोटाले का मामला आया सामने, नौकर से पत्नी तक सभी के नाम खरीद दी जमीन

Thu, 21 Jun 2018 01:43 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो,अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Thu, 21 Jun 2018 01:43 PM IST
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Big Land Scam In Mathura over 126 million rupees
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा में जमीन घोटाले की पुलिस जांच में अब परत दर परत खुलने लगी है। जमीन खरीद के समय तैनात रहे अफसरों ने पत्नी, साले व नौकरों को कंपनी में निदेशक बनाकर जमीन की खरीद-फरोख्त की और प्राधिकरण से मोटा मुनाफा कमाया। अब इन रिश्तेदारों के भी नाम भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।  
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दरअसल, यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने मुथरा जिले में मास्टर प्लान से बाहर जमीन खरीद ली। जमीन खरीदने के लिए कंपनियां बनाई गईं।

इन कंपनियों में आरोपियों के अलावा उनकी पत्नी, साले और नौकरों को निदेशक बनाया गया है। जमीन घोटाले की जांच में आरोपी वीपी सिंह (उस समय यीडा के ओएसडी) के रिश्तेदार संजीव कुमार व निर्दोष चौधरी और नौकर सतेंद्र चौहान को कंपनी में निदेशक बनाया गया। कंपनी के नाम से सस्ती दर पर जमीन खरीदकर प्राधिकरण को बेच दी गई। इसी तरह एएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर में वीपी सिंह की पत्नी के नाम 25 फीसदी शेयर और शासन में तैनात रहे एक सीनियर आईएएस अफसर की पत्नी के नाम 75 फीसदी शेयर हैं। 
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इस कंपनी के नाम पर जमीन खरीदी गई और मुआवजा उठाया गया। वीपी सिंह के बेटे साहिल चौधरी के नाम डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर में 75 फीसदी और संजीव कुमार के नाम 25 फीसदी शेयर हैं। बता दें कि मास्टर प्लान से बाहर इस जमीन की खरीद से यीडा को करीब 126 करोड़ का नुकसान हुआ है। इस मामले में 3 जून को मुकदमा दर्ज हो चुका है। हालांकि अभी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्राधिकरण की आंतरिक जांच में इसकी परतें खुलती जा रही हैं। जमीन खरीद के समय प्राधिकरण में तैनात रहे अफसरों के रिश्तेदारों और नौकरों ने भी खूब लाभ कमाया। 
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Big Land Scam In Mathura over 126 million rupees
जमीन - फोटो : अमर उजाला

वीपी सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांगी अनुमति 
यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ प्रभात कुमार ने तत्कालीन ओएसडी वीपी सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। वीपी सिंह के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों ने भी जमीन खरीद में लाभ कमाया। इस मामले में संजीव कुमार व निर्दोष चौधरी के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। दोनों वीपी सिंह के रिश्तेदार हैं। एफआईआर में सत्येंद्र चौहान व जोगेश का भी नाम है। वहीं, सत्येंद्र नाम के एक और व्यक्ति का नाम और सामने आया है। यह जमीन खरीद में शामिल रहा है। पुलिस अब अपनी जांच में नये नामों को जोड़ने जा रही है। 

हाथरस जमीन घोटाले की दस्तावेज तलब  
हाथरस में जमीन घोटाले की बात सामने आने पर जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी ने तहसीलदार को भेजकर हाथरस से जमीन से जुड़े कागजात मंगवाने के लिए भेजा है। वहीं, सूत्रों की मानें तो हाथरस जिले में जमीन खरीद की जांच में भी इसी ग्रुप के लोग शामिल हैं। इन्हीं लोगों ने पहले किसानों से सस्ती दर पर जमीन खरीदी, फिर कुछ दिन बाद प्राधिकरण को बेच दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।  
 
जहांगीरपुर में जमीन घोटाले की जांच पूरी 
जहांगीरपुर में बिजलीघर के नाम पर जमीन खरीदने में हुई गड़बड़ी की भी जांच पूरी हो गई है। इस मामले में भी बहुत जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि जहांगीरपुर में भी बिना जरूरत के 80 करोड़ रुपये की जमीन इसी तरह से खरीदी गई है।  

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