रविदास मंदिर मामला: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समेत 96 प्रदर्शनकारियों को 14 दिन की जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध मेें रामलीला मैदान में जुटे लोग बुधवार शाम तुगलकाबाद पहुंचकर तोड़फोड़ और प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत सभी 96 लोगों को अदालत ने सुनवाई के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
Ravi Das Temple demolition issue: All 96 arrested in the case, including Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad, have been sent to 14 days judicial custody.
— ANI (@ANI) August 22, 2019
गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली आए हजारों लोगों ने तोड़े गए मंदिर की ओर कूच करने की कोशिश की। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो इन लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। उग्र होती भीड़ को रोकने के लिए आखिर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद भीड़ की पुलिस से खूब झड़प हुई। भीड़ ने तुगलकाबाद इलाके में सड़क पर खड़ी गाड़ियों को तोड़ना शुरू कर दिया। 100 से अधिक गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।
ये भी पढ़ें- संत रविदास मंदिर मामला: दिल्ली की सड़कों पर भीम आर्मी का उपद्रव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
हिंसक होती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले चलाए। इसके बाद लाठियां भांजीं गईं। बवाल के दौरान कई पुलिसकर्मियों के अलावा भीड़ में मौजूद दर्जनों लोग जख्मी हो गए। पुलिस ने देर शाम भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को पूरे तुगलकाबाद इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था जो आज भी उसी स्थिति में है। लोकल पुलिस के अलावा अतिरिक्त सुरक्षा बलों की कई कंपनियां मौके पर तैनात हैं। इससे पूर्व, प्रदर्शनकारियों की वजह से दिनभर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भीषण जाम के हालात रहे।
जानकारी के अनुसार, रामलीला मैदान से आठ से दस हजार लोगों की भीड़ शाम करीब पांच बजे आश्रम चौक पहुंच गई। वहां से ये लोग मथुरा रोड होते हुए कालकाजी मंदिर, गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के रास्ते तुगलकाबाद एक्सटेंशन टी-प्वाइंट पर पहुंच गए। वहीं से कुछ दूरी पर पुलिस ने तारा अपार्टमेंट लाल बत्ती पर बेरीकेड लगाए हुए थे। वहां वाटर कैनन, वज्र वाहन व अन्य इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने भीड़ से आगे न बढ़ने का आग्रह किया, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया।
शुरुआत में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास किया। इससे भीड़ और हिंसक हो गई। लोगों ने पुलिस पर लाठी-डंडों से हमला करने के अलावा पथराव शुरू कर दिया। गुस्साई भीड़ ने तारा अपार्टमेंट और उसके आसपास सड़क पर खड़ी 100 से अधिक गाड़ियों के शीशे तोड़ने के अलावा कुछ बाइकों में आग भी लगा दी। हालात बिगड़ते देखकर पुलिस को हवाई फायरिंग करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने भीड़ को खूब दौड़ाया।
ये भी पढ़ें- बच्चे की मौत के बाद मां ने घर में छिपाया शव, पुलिस में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
इस बीच, भीड़ में मौजूद लोग तुगलकाबाद और गोविंदपुरी की गलियों में घुस गए। शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ बवाल करीब 8:30 बजे तक चला। पुलिस ने भीड़ में शामिल नेताओं समेत दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया।
बवाल के दौरान दक्षिणी दिल्ली और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। बवाल और हमले के दौरान पुलिस के कई जवानों समेत भीड़ में मौजूद लोग जख्मी हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
संयुक्त आयुक्त समेत दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। देर शाम अतिरिक्त पुलिस बल की कई कंपनियों को मौके पर बुलाया गया। बवाल के दौरान कितनी बाइकों को आग लगाई गई और कितनी कारों व अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, पुलिस उसका आंकलन करने में लगी हुई थी। बवाल के दौरान स्थानीय लोगों को भी खासी परेशानी हुई। लोग अपने-अपने घरों में बंद हो गए।