{"_id":"68fa5beebae0ceeb5c0c0e5e","slug":"bhai-dooj-celebrated-with-great-enthusiasm-in-the-capital-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-109469-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: राजधानी में हर्षोल्लास के साथ मना भाईदूज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: राजधानी में हर्षोल्लास के साथ मना भाईदूज
विज्ञापन
मिठाई और उपहार की दुकानों पर पूरा दिन बनी रही रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को भाईदूज हर्षोल्लास से मनाया गया। सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ और तिलक की रस्में शुरू हो गईं। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। त्योहार पर मिठाई और उपहार की दुकानों पर दिनभर रौनक बनी रही।
सड़कों, बसों और अन्य परिवहन के साधनों में रंग-बिरंगे परिधानों में सजी बहनें भाइयों के घर जाती नजर आईं। वहीं, कई बहनों ने वीडियो कॉल के जरिये तिलक की रस्म निभाई। इससे दूरी के बावजूद भाई-बहन का प्यार झलकता रहा। कई परिवारों ने इस दिन को खास बनाने के लिए सिनेमा हॉल और रेस्तरां में एकसाथ समय बिताया। श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर के महंत श्रीरामगोपाल दास महात्यागी महाराज के अनुसार, पौराणिक मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने आए थे। यमुना ने उनका तिलक कर आतिथ्य सत्कार किया, तब से यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक बन गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को भाईदूज हर्षोल्लास से मनाया गया। सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ और तिलक की रस्में शुरू हो गईं। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। त्योहार पर मिठाई और उपहार की दुकानों पर दिनभर रौनक बनी रही।
सड़कों, बसों और अन्य परिवहन के साधनों में रंग-बिरंगे परिधानों में सजी बहनें भाइयों के घर जाती नजर आईं। वहीं, कई बहनों ने वीडियो कॉल के जरिये तिलक की रस्म निभाई। इससे दूरी के बावजूद भाई-बहन का प्यार झलकता रहा। कई परिवारों ने इस दिन को खास बनाने के लिए सिनेमा हॉल और रेस्तरां में एकसाथ समय बिताया। श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर के महंत श्रीरामगोपाल दास महात्यागी महाराज के अनुसार, पौराणिक मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने आए थे। यमुना ने उनका तिलक कर आतिथ्य सत्कार किया, तब से यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक बन गया।
विज्ञापन