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Delhi NCR News: हंतावायरस से रहें सावधान, विशेषज्ञ बोले घबराने की जरूरत नहीं
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-एक क्रूज शिप पर एंडीज स्ट्रेन के हंतावायरस के प्रकोप की खबर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
हाल ही में एक क्रूज शिप पर एंडीज स्ट्रेन के हंतावायरस के प्रकोप की खबर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। एम्स नई दिल्ली के पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन के पूर्व प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. जीसी खिलनानी ने लोगों को घबराने की बजाय सतर्क रहने की सलाह दी है। जानकारी देते हुए डॉ. खिलनानी ने बताया कि हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों में पाया जाता है और उनके मूत्र, लार या मल के सूखे कणों के रूप में हवा में फैलकर इंसानों को संक्रमित कर सकता है। देश में तमिलनाडु के सीएमसी वेल्लोर में चूहों में इस वायरस की मौजूदगी पहले ही पाई गई थी।
इस वायरस के दो मुख्य रूप हैं। पहला हृदय और फेफड़ों को प्रभावित करने वाला रूप, जिसकी मृत्यु दर 30-50 प्रतिशत तक हो सकती है और दूसरा किडनी और रक्तस्राव संबंधी रूप जिसकी मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम है। कुल मिलाकर इसकी मृत्यु दर लगभग 5 प्रतिशत बताई गई है। फिलहाल कोई प्रभावी एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। सामान्य रूप से हंतावायरस मानव से मानव में नहीं फैलता है, लेकिन इस एंडीज स्ट्रेन के मामले में क्रूज शिप पर संभावित मानव से मानव संक्रमण की रिपोर्ट आई है जो पहली बार देखा गया है। शिप पर संक्रमण का कारण पहले से संक्रमित व्यक्ति या चूहों की मौजूदगी हो सकती है। इसका इंक्यूबेशन पीरियड 1 से 7 सप्ताह तक हो सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
हाल ही में एक क्रूज शिप पर एंडीज स्ट्रेन के हंतावायरस के प्रकोप की खबर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। एम्स नई दिल्ली के पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन के पूर्व प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. जीसी खिलनानी ने लोगों को घबराने की बजाय सतर्क रहने की सलाह दी है। जानकारी देते हुए डॉ. खिलनानी ने बताया कि हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों में पाया जाता है और उनके मूत्र, लार या मल के सूखे कणों के रूप में हवा में फैलकर इंसानों को संक्रमित कर सकता है। देश में तमिलनाडु के सीएमसी वेल्लोर में चूहों में इस वायरस की मौजूदगी पहले ही पाई गई थी।
इस वायरस के दो मुख्य रूप हैं। पहला हृदय और फेफड़ों को प्रभावित करने वाला रूप, जिसकी मृत्यु दर 30-50 प्रतिशत तक हो सकती है और दूसरा किडनी और रक्तस्राव संबंधी रूप जिसकी मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम है। कुल मिलाकर इसकी मृत्यु दर लगभग 5 प्रतिशत बताई गई है। फिलहाल कोई प्रभावी एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। सामान्य रूप से हंतावायरस मानव से मानव में नहीं फैलता है, लेकिन इस एंडीज स्ट्रेन के मामले में क्रूज शिप पर संभावित मानव से मानव संक्रमण की रिपोर्ट आई है जो पहली बार देखा गया है। शिप पर संक्रमण का कारण पहले से संक्रमित व्यक्ति या चूहों की मौजूदगी हो सकती है। इसका इंक्यूबेशन पीरियड 1 से 7 सप्ताह तक हो सकता है।
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