ये कैसा लालच: शादीशुदा महिलाओं ने खुद को बताया अविवाहित, किसी का 13 साल का बेटा तो कोई तीन वर्ष से विवाहित
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि श्रम विभाग की तरफ से दी गई शिकायतों के आधार पर केस दर्ज कर लिए गए हैं। मामलों की जांच की जा रही है।
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सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले 75 हजार रुपये के अनुदान के लिए श्रमिकों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर लाभ ले लिया। किसी की बेटी की तीन साल पहले शादी हो चुकी थी तो किसी की बेटी के पास 13 साल का बेटा है। जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर श्रम विभाग के अधिकारियों ने सिहानी गेट थाने में छह केस दर्ज कराए हैं।
24 नवंबर 2022 में जिले में सामूहिक विवाह का कार्यक्रम किया गया था। श्रम विभाग का कहना है कि योजना के तहत कन्या विवाह सहायता के रूप सरकार की ओर से 75 हजार रुपये दिए जाने थे। इसी का लाभ लेने के लिए कुछ श्रमिकों ने पहले से शादीशुदा बेटियों के गलत दस्तावेज बनवाकर योजना के लिए आवेदन कर दिया और अनुदान ले लिया।
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि श्रम विभाग की तरफ से दी गई शिकायतों के आधार पर केस दर्ज कर लिए गए हैं। मामलों की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इनके खिलाफ कराया गया केस
श्रम विभाग के अधिकारी ने विजयनगर निवासी दिव्या, प्रताप विहार निवासी सरोज व प्रीति, बांबे कॉलोनी निवासी सजीदा व हिना, भोजपुर निवासी राजेंद्र सिंह व अंजली, रोजी कॉलोनी विजयनगर निवासी रहीसन व साइस्ता और इंद्रगढ़ी निवासी रामवीर, स्वाति व शिल्पी कुमारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।