सिपाही के तीनों से थे समलैंगिक संबंध, बहन पर थी गंदी नजर
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समलैंगिक संबंध बनाने पर सिपाही संदीप भारद्वाज की हत्या हुई थी। बवाना में शनिवार को हुई सिपाही की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तीनों की पहचान चांदपुर गांव निवासी अमित, कंझावला निवासी नवीन और सुमित के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल डंडा और चाकू बरामद कर लिया है।
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह ने बताया कि गत 26 सितंबर की सुबह पुलिस को बवाना नंगला गांव के पास एसएक्स4 कार में युवक का शव मिला।
सुप्रीमकोर्ट में थी पुलिसकर्मी की तैनाती
उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान कंझावला निवासी संदीप भारद्वाज के रूप में हुई। संदीप दिल्ली पुलिस में सिपाही था और उसकी तैनाती सुप्रीम कोर्ट में थी।
पुलिस को समलैंगिक संबंधों की वजह से हत्या किए जाने की आशंका है। जांच में पुलिस को पता चला कि संदीप को अक्सर अमित, सुमित और नवीन के साथ देखा जाता था।
तीनों की तलाश करने पर वे घर से फरार मिले। 28 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि अमित रोहिणी सेक्टर एक के किसी फ्लैट में छिपा है। इस सूचना पर स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक केपी मलिक की टीम ने वहां दबिश देकर उसे दबोच लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर नवीन और सुमित को टिकरी बार्डर से गिरफ्तार कर लिया।
एक की बहन को चाहने लगा था वो
आरोपियों ने बताया कि संदीप काफी दिनों से उनके साथ समलैंगिक संबंध बना रहा था। इस दौरान संदीप तीनों में से एक की बहन को चाहने लगा और उन पर बहन से मिलवाने का दबाव बनाने लगा। जिससे तंग आकर उन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सिपाही की लाश को आरोपी सोनीपत में ठिकाने लगाना चाहते थे। उन लोगों ने बताया कि 25 सितंबर की रात संदीप ने तीनों को बुलाया और उनके साथ शराब पीने के बाद संबंध बनाए।
नशा होने पर तीनों ने सिपाही की डंडे से पिटाई शुरू कर दी जिससे वो बेहोश हो गया। उसे मृत समझकर आरोपियों ने उसे डिग्गी में डालकर उसके शव को सोनीपत इलाके में फेंकने का निर्णय लिया।
लेकिन औचंदी के पास पहुंचते ही संदीप होश में आ गया और डिग्गी के भीतर हाथ पैर मारने लगा। उसके बाद आरोपियों ने कार रोककर संदीप को डिग्गी से बाहर निकाला और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी।