पुलिस कंट्रोल रूम लगा रहे हैं फोन तो हो जाइए सावधान
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पुलिस कंट्रोल रूम में हर रोज जितनी कॉल पीड़ित लोगों की आती है उससे तीन गुना ब्लैंक कॉल आती हैं। इन कॉल से पुलिस विभाग परेशान हैं।
ऐसा पिछले तीन साल से चल रहा है और विभाग के अफसरों ने ऐसी कॉल करने वाले लोगों के नंबरों को सीज कराने की योजना बनाई है। पुलिस कंट्रोल रूम नोएडा में इस समय 10 लाइन चल रही हैं जबकि ग्रेटर नोएडा में चार लाइन चल रही है।
मगर 100 नंबर पर कॉल करने वाले पीड़ितों की अपेक्षा तीन गुना फेंक कॉल आती है जिनसे पुलिसकर्मी परेशान हैं। कॉल करने वालों में काफी हद तक बच्चे हैं और कुछ अन्य लोग भी हैं जो महिला पुलिसकर्मियों से अकसर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।
लोग महिला पुलिसकर्मियों के साथ करते हैं अभद्रता
विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने ऐसे लोगों को कई बार समझाया है लेकिन फिर भी ऐसे लोग फोन करना शुरू कर देते हैं। मगर अब विभाग के अफसरों ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
कंट्रोल रूम के प्रभारी महेश गुर्जर ने बताया कि हर दिन करीब 50 से 80 कॉल पीड़ित लोगों द्वारा की जाती है लेकिन 100 से 150 कॉल हर रोज ब्लैंक या मिसकाल आती हैं। इसके अलावा कुछ लोग महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता करते हैं। विभाग ने अब ऐसे नंबरों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
अगर एक ही नंबर से तीन बार इस तरह से परेशान करने के लिए कॉल की गई तो ऐसे नंबरों को विभाग कंपनियों से मिलकर सीज करा देगा। उसके बाद कोई व्यक्ति कितना भी प्रयास क्यों न कर ले उसे वह नंबर चालू नहीं करा पाएगा।
फर्जी कॉल के नंबर होंगे सीज
अफसरों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही जिले की कॉल 100 नंबर पर ही जाएगी। अगर कॉल नोएडा गई होगी तो वहां से पुलिसकर्मी संबंधित क्षेत्र की पीसीआर को सूचना देगी। अगर 100 नंबर की कॉल ग्रेटर नोएडा कंट्रोल रूम में जाती है तो वहां से पीसीआर को सूचना दी जाएगी और जो भी नजदीक है वह पहुंचेगी।
दरअसल, कुछ दिन से लोगों द्वारा जो कॉल की जाती थी उन्हें कंट्रोल रूम से पीसीआर का नंबर दिया जाता था और उसके बाद वह दोबारा फोन करके पीसीआर को बुलाना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं करना पडे़गा।