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पूरी तैयारी से आए थे डकैत, पता थी सभी खामियां

Thu, 29 Oct 2015 09:45 AM IST
Updated Thu, 29 Oct 2015 09:45 AM IST
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Bank robbers were aware of every flaw

सिंडिकेट बैंक में डकैती डालने वाले बदमाशों ने पूरा होमवर्क कर रखा था। बदमाशों को इस बात का पता था कि बैंक का इमरजेंसी अलार्म खराब है, सीसीटीवी डीवीआर कहां है, स्ट्रांग रूम किस तरफ है और सुरक्षा व्यवस्था लचीली है।

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ऐसा भी हो सकता है कि बैंक के बारे में जानकारी रखने वाले किसी शख्स ने इन सबके बारे में अवगत कराया। यही वजह है कि बैंक की हर खामी से बदमाश अच्छी तरह वाकिफ थे इसलिए उन्होंने सात मिनट में ही 21 लाख रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला।
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बैंक का लंच समय सोमवार 2.30 बजे खत्म होने के बाद गेट खुला तो लगभग 2.35 बजे पर बदमाशों ने बैंक पर धावा बोल दिया। उस
वक्त सुरक्षा गार्ड, कुल चार बैंककर्मी और 14-15 ग्राहक मौजूद थे।

बदमाशों को स्ट्रांग रूम के बारे में भी जानकारी थी

Bank robbers were aware of every flaw

घटना के दौरान एक बदमाश ने प्रबंधक को बंधक बनाया, जबकि उसके साथी ने सीसीटीवी डीवीआर के बारे में पूछा। उसे पता था कि डीवीआर प्रबंधक के रूम में है।


उस बदमाश ने तार काट कर डीवीआर कब्जे में ले लिया। वहीं, अलार्म के खराब होने की जानकारी भी उन्हें थी क्योंकि बेहद जरूरी चीज अलार्म के लिए बदमाशों ने कोई भी जहमत नहीं उठाई।

बदमाशों को स्ट्रांग रूम के बारे में भी जानकारी थी। एक बदमाश ने प्रबंधक को पीटकर उनसे जबरन स्ट्रांग रूम की चाभी ली और दूसरे बदमाश ने कैशियर की पिटाई कर उससे चाभी मांगी। कैशियर के इनकार पर दोबारा से प्रबंधक को मारने दौड़े बदमाशों से अपनी जान बचाने के लिए कैशियर से चाभी दिलवाई।

प्रबंधक के बैग में रकम भरकत हुए फरार

Bank robbers were aware of every flaw

दस, पचास और सौ की गड्डियों से बदमाशों का बैग भरने के बाद भी रकम बाकी बची तो बदमाशों ने बैंक प्रबंधक का खाना लाने वाला बैग लेकर उसमें रकम भरी और लगभग फरार हो गए।


बैंक के सह प्रबंधक विवेक राज ने बीच में मोबाइल से 100 नंबर लगाने का प्रयास किया तो बदमाशों ने भनक लगते ही उनका मोबाइल तोड़ डाला। साथ ही उनकी पिटाई भी कर दी।

इस बीच वह लोगों और कर्मियों को जमकर धमकाते रहे। डकैती के बाद बैंक स्टाफ और लोगों को धमकाते हुए बदमाशों ने लगभग 20 लोगों को स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया।

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कुछ और देर होती तो स्ट्रांग रूम से घुट जाता दम

Bank robbers were aware of every flaw

सिंडिकेट बैंक के सामने क्लीनिक चलाने वाली मंजू सिंह ने बताया कि बदमाशों के गार्ड की बंदूक के साथ बाहर निकलते ही उन्हें कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ तो उन्होंने  आसपास के लोगों को बैंक में चलने के लिए कहा।

डर के मारे जब कोई आगे नहीं बढ़ा तो उन्होंने अपने साथ एक किशोर को बैंक के अंदर ले गई। यहां सामान अस्त-व्यस्त देखा तो लोगों को आवाज दी।

स्ट्रांग रूम से आवाज आने पर उसका लॉक खोलकर उन्होंने अंदर से स्टाफ सहित 20 लोगों को निकाला। उनकी बहादुरी पर पुलिस के आला अधिकारियों ने उनकी तारीफ भी की।

बैंक से निकलने के बाद 2.52 पर पुलिस को सूचना दी गई। स्ट्रांग रूम में कुछ और देर हो जाती तो लोगों का दम घुट सकता था। स्ट्रांग रूम में हवा आने जाने के लिए भी दीवार में बहुत छोटी सी ही जाली थी।

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