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बांग्लादेश के 'बजरंगी भाईजान' ने खोज निकाला सोनू का परिवार, छलक आई मां-बाप की आंखें

Wed, 29 Jun 2016 09:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 29 Jun 2016 09:12 PM IST
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Bajrangi Bhaijaan of Bangladesh introduced sonu with his family
सोनू के परिजन - फोटो : अमर उजाला

बॉलीवुड फिल्म बजरंगी भाईजान तो आपको याद ही होगी, जिसमें सलमान खान अपने माता-पिता से बिछड़ी एक बच्ची को लेकर भारत से पाकिस्तान जाते हैं। ठीक ऐसे ही बांग्लादेश का जमाल भी दिल्ली के सोनू (12) के लिए बजरंगी भाईजान बनकर भारत आया।

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काफी जद्दोजहद के बाद उसने सोनू के माता-पिता को दिल्ली के सीमापुरी इलाके से ढूंढ निकाला। करीब छह साल पूर्व सोनू को इलाके में पड़ोस में रहने वाली एक महिला अगवा कर बांग्लादेश ले गई थी।
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जमाल से बेटे का पता लगते ही माता-पिता की आंखें छलक गई और वह अपने लाल से मिलने को बेताब हो गए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी परिवार का पूरा साथ दिया। बच्चे और मां के डीएनए टेस्ट कराए गए जो मैच हो गया। अब सोनू बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के पास है। बृहस्पतिवार को एक टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंचेगी। सोनू के माता-पिता अपने बच्चे के मिलने को ईद का तोहफा बता रहे हैं।

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इसके बाद परिवार ने सोनू को खूब ढूंढा

Bajrangi Bhaijaan of Bangladesh introduced sonu with his family
सोनू के परिजन - फोटो : अमर उजाला

जानकारी के अनुसार, सोनू को पूरा परिवार ए-103, ई-44 नई सीमापुरी में रहता है। घर में पिता मेहमूद, मां मुमताज उर्फ माधुरी, एक बड़ा भाई नोंटू (14), छोटा भाई मेहफूज (6) और बहन चांदनी (5) है।

मेहमूद सीमापुरी स्थित मीना मार्केट में मोटर मैकेनिक है। 25 मई, 2010 को सीमापुरी में घर के बाहर से अचानक छह साल का सोनू गायब हो गया था। नोंटू जो उस समय आठ साल का था, उसने बताया कि एक महिला सोनू को अपने साथ ले गई थी।

इसके बाद परिवार ने सोनू को खूब ढूंढा। सीमापुरी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई, लेकिन कोई पता नहीं चला। छह साल से परिवार दर-दर की ठोंकरे खा रहा था, लेकिन सोनू का पता नहीं चला।

जमाल सोनू के मां-बाप को ढूंढते हुए भारत पहुंचा

Bajrangi Bhaijaan of Bangladesh introduced sonu with his family
सोनू के परिजन - फोटो : अमर उजाला

इसी बीच पिछले माह की 17 मई को जमाल नामक एक बांग्लादेशी शख्स मेहमूद को ढूंढता हुआ मीना मार्केट, सीमापुरी पहुंचा। उसने बताया कि उसका बेटा बांग्लादेश के जेसोर जिले में है।

रहीमा नामक महिला उसे अगवा कर बांग्लादेश ले गई थी। रहीमा ने जमाल को भी परेशान किया हुआ था। वहां उस पर उसके खिलाफ पुलिस केस किया था। रहीमा के घर जाने के दौरान सोनू ने जमाल को अपना पता बताकर माता-पिता से मिलने की इच्छा जताई थी।

बस इसी वजह से जमाल सोनू के माता-पिता को ढूंढता हुआ भारत पहुंचा। मेहमूद ने बताया कि रहीमा उस समय उसके घर के पास ही रहती थी। कुछ समय पूर्व मुमताज व रहीमा का झगड़ा हो गया था, शायद इसी लिए उसने सोनू को अगवा कर लिया। इधर, बेटे की खबर मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी। लोगों ने मेहमूद व मुमताज को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के लिए कहा।

विदेश मंत्री के कहने पर कराया गया डीएनए टेस्ट

Bajrangi Bhaijaan of Bangladesh introduced sonu with his family

सोनू का पता चलते ही मेहमूद व मुमताज उर्फ माधुरी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के प्रयास शुरू कर दिए। मीडिया के माध्यम से 24 मई को मेहमूद, मुमताज, मुमताज की बहन नीतू और बांग्लादेश से आए जमाल ने सुषमा स्वराज से मिलकर सोनू की दास्तां बताई।

फौरन मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्री ने बांग्लादेश हाई कमीशन को तलब कर सोनू का डीएनए कराने के लिए कहा। उधर, बांग्लादेश में सोनू का तो दिल्ली के एम्स में 14 जून को मुमताज का डीएनए टेस्ट हुआ।

डीएनए मैच होते ही सोनू को भारतीय दूतावास ने अपनी कस्टडी में ले लिया। सोनू को भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। मंत्री ने बताया कि सोनू बृहस्पतिवार को दिल्ली आ जाएगा।

बेटे का मिलना ईद का तोहफा

Bajrangi Bhaijaan of Bangladesh introduced sonu with his family

मेहमूद और मुमताज अपने बेटे सोनू के मिलने से काफी खुश हैं। करीब छह साल बाद वह अपने बिछुड़े हुए बेटे से बृहस्पतिवार को मिल सकेंगे। मेहमूद बताते हैं कि हर मुमकिन कोशिश कर ली गई थी।

कौन सा ऐसा मंदिर या मजार नहीं था, जहां सोनू की सलामती और उसकी मिलने की दुआ नहीं मांगी गई। मई में ही पूरा परिवार मां वैष्णो देवी के दर्शन करने गया था। आखिर खुदा ने परिवार की सुनी और सोनू को उनके परिवार से मिला दिया।

मेहमूद व मुमताज अपने बच्चे को मिलने को ईद का तोहफा बता रहे हैं। परिवार फरिश्ता बनकर आए जमाल और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहा है।

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