नसबंदी के बाद भी पैदा हुई बच्ची, हड़कंप
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ग्रेटर नोएडा में नसबंदी के बाद भी महिला को बच्ची पैदा होने पर दंपति ने डॉक्टर पर 20 लाख रुपये का दावा ठोक दिया है। 24 नवंबर को मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रतिवादियों को दो जनवरी को न्यायालय में तलब किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, तीन बच्चे होने के चलते दादरी तहसील के खेडी गांव की महिला विमलेश पत्नी सतेंद्र कुमार दादरी स्थित स्व. शोभाराम शर्मा सामुदायिक अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. मधु से मिली और बताया कि वो अब और बच्चा नहीं चाहती है।
इसके बाद डॉ. मधु की सलाह पर उसने सात अगस्त 2012 को नसबंदी करा ली। नसबंदी के एक साल पांच माह बाद उसके पेट में दर्द हुआ। 31 जनवरी 2014 को अल्ट्रासाउंड कराने पर उसे फिर गर्भवती होने की जानकारी हुई। इस संबंध में डॉ. मधु को बताया तो उसने धमका कर उसे अस्पताल से भगा दिया।
केस की पैरवी के लिए भी एक लाख रुपये मांगा
20 जून 2014 को बादलपुर के सरकारी अस्पताल में विमलेश को बेटी पैदा हुई। नसबंदी के बाद भी बच्ची पैदा होने पर मानसिक रूप से तनाव से जूझ रहे पति-पत्नी ने मामले की शिकायत अस्पताल के मुख्य चिकित्सा प्रभारी से की, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।
विमलेश गांव में ही कपड़ों पर प्रेस करती है और उसका पति सतेंद्र मजदूरी करता है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण दंपति ने बच्ची के लालन पालन और शादी में होने वाले खर्च के 20 लाख रुपये का दावा डॉक्टर पर ठोका है।
इसके साथ ही मुकदमे की पैरवी करने के लिए एक लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च दिलाने के लिए सीजेएम गौतमबुद्ध नगर के कोर्ट में वाद दायर किया है। कोर्ट ने वाद पर सुनवाई की तिथि दो जनवरी 2015 तय की है।