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वकालत की पढ़ाई कर फंस गया निगम का बाबू, जांच शुरू
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:01 AM IST
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नगर निगम के विधि विभाग में तैनात लिपिक एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई कर जांच में फंस गया। बाबू ने बिना छुट्टी लिए पांच साल की पढ़ाई कर ली और नगर निगम से सैलरी भी ले ली।
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जबकि पूरी नौकरी के दौरान कर्मचारी को सिर्फ 24 महीने की एजुकेशन लीव मिल सकती है। बिजनौर निवासी मोहित त्यागी की शिकायत पर नगर आयुक्त ने प्रकरण पर जांच बैठा दी है।
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उप नगर आयुक्त एसके तिवारी को जांच सौंपी गई है। शिकायतकर्ता मोहित त्यागी का आरोप है कि विधि लिपिक फारूख अली ने मेरठ से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की है।
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इसके लिए उन्होंने नगर निगम से अवकाश नहीं लिया है। जबकि एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई प्राइवेट नहीं की जा सकती है।
मेरठ यूनिवर्सिटी ने आरटीआई के जवाब में बताया है कि दोनों डिग्रियों के लिए रेग्यूलर कक्षाएं चलती हैं और स्टूडेंट की 75 फीसदी हाजिरी होना अनिवार्य है।
आरोप है कि फारूख अली ने नगर निगम में हाजिरी लगाकर क्लास अटेंड की है। यानी सैलरी भी ले ली और नगर निगम का में ड्यूटी भी नहीं दी।
उन्होंने फारूख पर नगर निगम को वित्तीय क्षति पहुंचाने का आरोप लगाकर नगर निगम से कार्रवाई की मांग की है।
मैंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। कुछ लोग मुझे फंसाने के लिए षड़यंत्र कर रहे हैं। मुझसे पूछा जाएगा तो अधिकारियों को अपना जवाब दूंगा। मैंने निरंतर कक्षाएं अटेंड नहीं की है।-फारूख अली, विधि लिपिक