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अब गुड़गांव में भी ऑटो का मीटर बताएगा किराया
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 18 Dec 2013 02:07 PM IST
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दिल्ली की तर्ज पर गुड़गांव में भी ऑटो के किराये निश्चित करने के लिए प्रीपेड बूथ बनाए जाएंगे। इसके लिए सभी चालकों को ऑटों में मीटर भी लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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ऑटो चालकों की मनमर्जी पर आए दिन हो-हल्ला होता रहता है। ऑटो चालक मनमर्जी से किराया वसूलते हैं। इस पर अंकुश लगाने और यात्रियों की सहूलियत के लिए पुलिस ने प्रशासन के साथ मिलकर पहल की है।
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इस बाबत मंगलवार को पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक बैठक हुई। इसमें प्रीपेड बूथ बनाने की रणनीति पर विचार किया गया।
पहले प्रयोग के तौर पर सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन, एमजी रोड, इफ्को चौक और हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर बूथ बनाए जाएंगे। आरटीए के सचिव दलबीर सिंह ने बताया कि यह आरामदायक और सुरक्षित सफर की बड़ी पहल है।
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बैठक में ऑटो किराया निर्धारित करने के लिए भी तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इसमें गुड़गांव उत्तरी के एसडीएम सतेंद्र दूहन, आरटीए सचिव दलबीर सिंह और एसीपी ट्रैफिक विष्णु दयाल को शामिल किया गया है।
पुलिस कमिश्नर ने ऑटो के किराया निर्धारण के काम को 15 जनवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ऑटो में मीटर लगाना भी सुनिश्चित किया जाएगा। आरटीए दलबीर सिंह ने बताया कि इससे पहले भी किराया तय करने के लिए बैठक हुई थी।
फिलहाल मामला सरकार के पास लंबित है। कमेटी सरकार से तालमेल कर इस मसले को जल्द से जल्द हल करेगी। बैठक में उपायुक्त शेखर विद्यार्थी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) भारती अरोड़ा, एसीपी ट्रैफिक विष्णु दयाल सहित रोडवेज के जीएम यशेंद्र सिंह भी शामिल रहे।
बिना परमिट के ऑटो चलाना अवैध
शहर की सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो चालकों को भी दूसरे कमर्शियल वाहनों की तरह परमिट लेना अनिवार्य होगा। यह नियम एक जनवरी से कड़ाई से लागू किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल के कार्यालय में आयोजित बैठक में आरटीए सचिव दलबीर सिंह ने बताया कि शहर में 18 हजार से भी ज्यादा ऑटो चल रहे हैं। इनमें से ज्यादातर के पास परमिट नहीं हैं।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि एक जनवरी के बाद ट्रैफिक पुलिस और आरटीए विभाग की ओर से जांच अभियान चलाया जाएगा। पहली बार चालान होने पर ऑटो चालक से 2000 रुपये और दोबारा कम से कम से 5000 रुपये का चालान किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय किया गया कि पुराने और सड़क पर चलने के लायक नहीं पाए जाने वाले ऑटो के वार्षिक परमिट भविष्य में रिन्यू नहीं किए जाएंगे।