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टॉप गियर में शहर की ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 02 Oct 2016 09:24 AM IST
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लंबे समय से सुस्त पड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को ऑक्सीजन मिल गई है। त्योहारों के सीजन में वाहनों की खरीददारी का ग्राफ इस बार बढ़ा है। इसका असर मैनुफेक्चरिंग हब फरीदाबाद के ऑटो कंपोनेंट्स कारोबार पर भी दिख रहा है।
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मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस कारोबार में 20 फीसदी तक की ग्रोथ का अंदाजा लगाया जा रहा है। खरीददारों ने बाजार की तरफ रुख किया, तो कलपुर्जों की बादशाह मानी जाने वाली औद्योगिक नगरी के ऑटो पार्ट्स तैयार करने वाले छोटे-बड़े उद्योगों की रफ्तार भी तेज हो गई है।
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इसकी सबसे बड़ी वजह सातवें वेतन आयोग को माना जा रहा है। इसके अलावा कच्चे माल की इनपुट कॉस्ट में गिरावट भी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बूम की बड़ी वजह मानी जा ही है।
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जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार 5 से 10 फीसदी की कमी बनी हुई है। इसके अलावा इस इंडस्ट्री के लिए जरूरी प्लास्टिक और रबड़ की भी इनपुट कॉस्ट कम हुई है।
न्यूमैन कंपोनेंट्स के निदेशक लव मल्होत्रा बताते हैं कि सातवां वेतन आयोग आने के बाद प्रॉपर्टी से ज्यादा वाहनों की खरीद-फरोख्त को तरजीह दी जा रही है। इसका सीधा असर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर पड़ा है।
लंबे समय से अस्थिरता की मार झेल रही इस इंडस्ट्री को इस बार बड़ी राहत मिली है। फरीदाबाद के ऑटो कंपोनेंट्स का सालाना कारोबार तकरीबन 15 हजार करोड़ का माना जाता है, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में 18 हजार करोड़ तक जाने की उम्मीद है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री भी बूम पर
ऑटोमोबाइल सेक्टर से ज्यादा घरेलू इस्तेमाल के उत्पाद तैयार करने वाली कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री में तेजी आई है। टेलीविजन, रेफ्रीजरेटर, वॉशिंग मशीन जैसे आइटम तैयार करने वाली कंपनियों में पिछले तीन महीने से ऑडर्स की भरमार है।
इन कंपनियों में दिन-रात की शिफ्ट में काम किया जा रहा है। त्योहारों के सीजन में हर बार तैयारियां होती थीं, लेकिन सातवें वेतन आयोग के बाद डिमांड और ज्यादा बढ़ी है। जानकारों के मुताबिक, पूरे साल की सेल की 60 फीसदी भागीदारी सितंबर से नवंबर के बीच होती है।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में पिछले तीन महीने से रफ्तार देखने को मिल रही है, लेकिन इसका असर अब त्योहारों के सीजन में दिखेगा। ऑटो बाजार में इस बार खासी चहल पहल होगी। कारोबार के लिहाज से यह शुभ संकेत हैं।-गौतम चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
छह महीने पहले ही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में ग्रोथ के संकेत मिल गए थे। इसको ध्यान में रखकर उत्पादन बढ़ा दिया गया था। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री ने भी काफी तेज रफ्तार पकड़ी है। -लव मल्होत्रा, निदेशक, न्यूमैन कंपोनेंट्स