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डंपिंग ग्राउंड मामला: आंदोलनकारियों के बाद अब एनजीटी में घिरा प्राधिकरण

Thu, 02 Aug 2018 04:01 AM IST
एसएस अवस्थी, अमर उजाला, नोएडा
एसएस अवस्थी, अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 02 Aug 2018 04:01 AM IST
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Authorities profe to ngt for dumping ground in sec 145
dumping ground

डंपिंग ग्राउंड का मामला एनजीटी में जाने से अब प्राधिकरण को यह सिद्ध करना होगा कि सेक्टर-145 में बनाया गया अस्थायी डंपिंग ग्राउंड सही है। दरअसल, पहले प्राधिकरण ने जहां भी कूड़ा डाला, वहां से लोगों ने घेराबंदी करके कूड़ा डालना बंद करवा दिया। इसमें आंदोलन के साथ ही कोर्ट का भी सहारा लिया गया, लेकिन अब एनजीटी में मामला जाने से प्राधिकरण घिरता नजर आ रहा है।

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दरअसल, दो दिन पहले एक संगठन की याचिका पर सेक्टर-145 मुबारकपुर में डाले जा रहे कूड़े को लेकर एनजीटी में सुनवाई हुई। अब 17 अगस्त को प्राधिकरण समेत सभी पक्षों को जवाब देना है। यहां प्रति दिन 560 मीट्रिक टन कूड़ा डाला रहा है। पिछले माह जब सेक्टर-123 में कूड़ा डालना शुरू हुआ तो 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था और गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज करा दिया था। 
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हालांकि, बाद में सभी को जमानत मिल गई थी। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी की गई थी। उधर, सेक्टर-123 में डंपिंग ग्राउंड की संघर्ष समिति के नेता सूबे यादव ने बताया कि पिछले दिनों एनजीटी में सेक्टर-54 में डंपिंग ग्राउंड को लेकर सुनवाई की गई थी, क्योंकि प्राधिकरण ने अभी वहां से कूड़ा नहीं उठाया है।
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जब प्राधिकरण के वकीलों ने तर्क दिया कि सेक्टर-123 में ही मास्टर प्लान के मुताबिक डंपिंग ग्राउंड है तो वहां संघर्ष समिति के वकीलों ने एतराज किया कि अब प्राधिकरण वहां पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बना सकता, क्योंकि सीएम ने खुद ही वहां से निरस्त कर दिया है।

प्राधिकरण हैरान और परेशान 
पिछले दिनों की घटनाओं को देखा जाए तो प्राधिकरण के सामने फिर मुसीबत आने वाली है। प्राधिकरण ने सबसे पहले सेक्टर-137 में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाया तो वहां भी विरोध के साथ ही एनजीटी ने रोक लगा दी। इसके बाद प्राधिकरण सेक्टर-54 में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाने की बात कहकर कूड़ा डालने लगा। खूब विरोध हुआ और फिर यहां भी एनजीटी ने रोक लगा दी। इसके बाद प्राधिकरण ताल ठोककर सेक्टर-123 में कूड़ा डालने पहुंचा।

जबरदस्त आंदोलन हुआ, लोग जेल भी भेजे गए। पीड़ित लोग सीएम से मिले तो उन्होंने ने यह कहकर कूड़ा डालने से मना कर दिया कि आबादी के 2 किलोमीटर दूर ही डंपिंग ग्राउंड बनाया जा सकता है। इसके बाद ग्रेनो वेस्ट के खोदना खुर्द में जैसे ही कूड़ा डालने पहुंचे तो वहां भी लोगों ने हंगामा कर दिया। प्राधिकरण को फिर कदम खींचने पड़े। मास्टर प्लान के हिसाब से प्राधिकरण की असली प्लानिंग तो अस्तौली  की ही है। 

प्राधिकरण अपने ही प्लानिंग पर काम नहीं कर पा रहा है। जब डंपिंग ग्राउंड बनना चाहिए था तो प्राधिकरण सोता रहा। पूरे शहर में आबादी हो गई है। आबादी के बीच डंपिंग ग्राउंड किसी भी कीमत पर नहीं बन सकता। - रघुराज सिंह, समाजसेवी

सेक्टर-123 में किसी भी कीमत पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा। सीएम भी मना कर चुके हैं। साथ ही संघर्ष समिति भी प्राधिकरण ही हर गतिविधि पर नजर रख रही है। आंदोलन के साथ ही कोर्ट में भी प्राधिकरण को घेरा जाएगा। -सूबे यादव, मुखिया, डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति

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