अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति: चेक-किताबें और मेडल देकर छात्रों को किया सम्मानित, सम्मान पाकर चहके विद्यार्थी
मेधावी विद्यार्थियों से फाउंडेशन के अध्यक्ष राजुल माहेश्वरी ने मुलाकात की और परीक्षा में सफलता के लिए बधाई देने के साथ ही भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2022 में सफल 43 होनहार विद्यार्थियों के चेहरे रविवार को उस समय खिल उठे, जब यहां सेक्टर-59 स्थित अमर उजाला कार्यालय में इनका शानदार स्वागत किया गया। मेधावी विद्यार्थियों से फाउंडेशन के अध्यक्ष राजुल माहेश्वरी ने मुलाकात की और परीक्षा में सफलता के लिए बधाई देने के साथ ही भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने कई तरह की जिज्ञासाएं रखीं, जिनका राजुल माहेश्वरी ने सहज भाव से समाधान किया। विद्यार्थियोंं ने अमर उजाला की शुरुआत कब और कैसे हुई से लेकर सफलता के मंत्र सहित कई तरह के सवाल पूछे। राजुल माहेश्वरी ने कहा कि सफलता का कोई सीधा मंत्र नहीं है। मेहनत ही एक मात्र जरिया है, जिसके माध्यम से सफलता हासिल की जा सकती है। वैसे सफलता के पैमाने भी सबके लिए अलग-अलग हैं। पैसा ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं हो सकता। हमें एक अच्छा इन्सान बनने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों की मदद करनी चाहिए।
साथ ही, उन्होंने सभी छात्रों को सलाह दी कि वो दूसरों को देखकर अपना लक्ष्य निर्धारित न करें। अपनी रुचि के अनुसार ही लक्ष्य बनाएं। उन्होंने छात्रों के अभिभावकों से भी मुलाकात की। इन छात्रों को छात्रवृत्ति के चेक के साथ किताबें, अमर उजाला ईयर बुक-2023 दिए गए। मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया गया। आयोजन के दौरान अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान निदेशक वरुण माहेश्वरी भी मौजूद रहे। आयोजन के बाद प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अखबार की कार्यप्रणाली को समझा। उन्हें प्रिंटिंग प्रेस दिखाया गया, जहां उन्हें जानकारी दी गई कि किस तरह अखबार प्रकाशित होता है और कम से कम समय में कैसे सभी जगह पहुंचता है।
पैसा सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं
सफलता के पैमाने सबके लिए अलग-अलग हैं। पैसा ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं हो सकता। हमें एक अच्छा इन्सान बनने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों की मदद करनी चाहिए। -राजुल माहेश्वरी
छात्रवृत्ति के जरिये मुझे सपने पूरे करने में मदद मिलेगी। मैं जिंदगी में कभी हार नहीं मानूंगी। जो भी अड़चन आएगी, उसका हिम्मत से सामना करूंगी। अमर उजाला के दफ्तर में आना मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव है। -वंशिका ठाकुर, हिमाचल
अन्य छात्रों को दूंगी जानकारी
फाउंडेशन ने प्लेटफॉर्म दिया है। मैं आगे भी ऐसे ही मेहनत करूंगी। मैं अन्य छात्रों को भी इसके बारे में जानकारी दूंगी, ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। -सृष्टि साहू, लखनऊ
हौसले बुलंद हुए
ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को ऐसा मौका मिलना बड़ी बात है। बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे हौसले और भी बुलंद हुए हैं। मैं हमेशा बेहतर देने का प्रयास करूंगा। -उमेश चंद्र, गोरखपुर
दिल से शुक्रिया
अमर उजाला फाउंडेशन को दिल से धन्यवाद। मैं आगे भी ऐसे ही मेहनत करता रहूंगा। मेहनत करने वालों को हमेशा सफलता मिलती है। -सिद्धार्थ पटवा, श्रावस्ती
एक लाख से अधिक छात्रों ने किया था आवेदन
छात्रवृत्ति के लिए एक लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। चयनित विद्यार्थियों के परिवार की सालाना आय डेढ़ लाख रुपये से कम है। छह राज्यों से चयनित किए गए 43 होनहार विद्यार्थियों में इस बार 41 सामान्य और दो विशेष विद्यार्थी हैं। चयनित विद्यार्थी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर व उत्तर प्रदेश से हैं।