'लाइटर' ने बख्शी शाही इमाम की जिंदगी!
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दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम को जिंदा जलाने की कोशिश करने वाले युवक ने पुलिस पूछताछ में घटना के पीछे मकसद का खुलासा किया है।
घटना के दौरान मौके से गिरफ्तार हुए युवक से आईबी, स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि वह इमाम से कुछ धार्मिक मदद चाहता था लेकिन जब उसे ऐसा करने से रोका गया तो उसे बुरा लगा।
बता दें कि रविवार शाम करीब 6 बजे नमाज के वक्त जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी पर एक युवक ने केरोसीन का तेल छिड़क कर आग लगाने की कोशिश की थी, हालांकि वह लाइटर जलाता इससे पहले ही उसे दबोच लिया गया था।
इमाम से हाथ भी मिलाया
टीओआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24-परगना के रहने वाले 32 वर्षीय आरोपी कमालुद्दीन उर्फ कमाल ने बताया कि वह पहले भी इमाम से मिलकर अपनी समस्या का जिक्र करने की कोशिश कर चुका है लेकिन तब भी बात नहीं बनी।
घटना के बाद इमाम ने बताया कि वह आरोपी युवक से पहले भी मिल चुके थे। शाम को नमाज से पहले वह मस्जिद में यूं ही टहल रहा था। इसी दौरान उसने उनसे हाथ भी मिलाया था। उसने सफेद शर्ट और काला ट्राउजर पहन रखा था। उसकी वेशभूषा से ही अंदाजा लग रहा था कि वह दूसरों की तरह यहां नमाज अदा करने नहीं आया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने इमाम पर पीछे से हमला किया, जब नमाज पढ़ने वाले सारे लोग सजदे के लिए झुके हुए थे।
ऐसे बची बुखारी की जान
उसने हाथ में करीब आधा लीटर की बोतल में केरोसीन ले रखा था और जल्दी से उसे इमाम के ऊपर उड़ेलने की कोशिश की। केरोसीन छिड़कने के बाद वह बोतल में आग लगाकर उसे इमाम की ओर उछालने ही वाला था कि तभी उसे पकड़ लिया गया।
लोगों ने बताया कि आरोपी ने लाइटर जलाने की कोशिश की लेकिन वह जला नहीं और उसकी हरकत देखकर गार्डों ने उसे दबोच लिया।
बुखारी ने बताया कि इतना सब होने के बाद भी उन्होंने नमाज जारी रखी ताकि किसी भी तरह की अराजकता को रोका जा सके। अगर नमाज बीच में रुकती तो लोग उसे पीट-पीटकर अधमरा कर देते। इसी दौरान पुलिस ने आरोपी को मस्जिद से बाहर ले जाकर हिरासत में ले लिया।
इमाम के भाई तारिक बुखारी ने कहा कि हमले के बाद इमाम के ऑफिस ने गृह मंत्रालय से उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
मानसिक रूप से कमजोर है आरोपी?
शाही इमाम पर हमला करने वाला आरोपी मानसिक तौर पर कमजोर और बीमार बताया जा रहा है। उसकी दिमागी हालत की जांच के लिए पुलिस उसका मेडिकल करवा रही है।
पुलिस पूछताछ में उसने जैसे बयान दिए हैं उनके आधार पर पुलिस को ऐसा अंदेशा हुआ है। हो सकता है कि उसने दिमागी असुंतुलन के चलते यह कदम उठाया हो।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की तफ्तीश में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच के बाद असली सच सामने आएगा।