अटाली हिंसा मामले में दो की हुई गिरफ्तारी
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अटाली में मंगलवार देर रात एकबार फिर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें चार लोगों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक इनमें से दो लोगों पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है आरोपियों की गिरफ्तारी में अब किसी तरह ढील नहीं की जाएगी। हालांकि बहुसंख्यक समुदाय प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहा है।
दरअसल, गत 25 मई को धार्मिक स्थल निर्माण के समय अटाली गांव में दो समुदायों के बीच संघर्ष हुआ था। अल्पसंख्यकों के घर जला दिए गए थे। लूटपाट और तोड़फोड़ की गई थी।
करीब एक माह की कड़ी मशक्कत से शांत हुआ तनाव एक जुलाई को एक बार फिर सुलग उठा। जब कीर्तन के समय महिलाओं पर पत्थर फेंका गया। इसके बाद मामला भड़कने पर दोनों ओर से एक-दूसरे पर पथराव शुरू हो गया था।
चार जुलाई को भी चलाया था सर्च ऑपरेशन
इस हमले में अल्पसंख्यक समुदाय के छह लोग घायल हो गए थे। जबकि भजन कर रहीं दो महिलाएं जख्मी हो गईं थीं। गांव में पथराव होने पर पुलिस ने मामले को बड़ी मुश्किल से काबू किया।
चार जुलाई को सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर 68 लोगों को हिरासत में लिया गया था। जिसमें से नौ लोगों को आरोपी बनाकर नीमका जेल भेजा जा चुका है। मंगलवार रात 10 बजे पुलिस ने चार और लोगों को हिरासत में लिया।
जिन्हें पुलिस वैन द्वारा सेक्टर-12 स्थित सेंट्रल थाने में रखा गया। बुधवार सुबह जांच पड़ताल के बाद पवन व राजेंद्र नामक व्यक्तियोंको रिहा कर दिया गया। जबकि जय प्रकाश व उदयवीर को गिरफ्तार किया गया है। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गिरफ्तारी के बाद हिंसा की आशंका को देखते हुए बुधवार सुबह रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने सैंकड़ों जवानों के साथ डिप्टी कमांडेंट राजकुमार और डीसीपी सेंट्रल की अगुवाई में फ्लैग मार्च किया। गांव में स्थिति सामान्य है। गांव में बैंक, स्कूल व बाजार खुले।