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दंगे ने छीना आशियाना, आ गई है भूखे मरने की नौबत

Thu, 08 Oct 2015 11:31 PM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 11:31 PM IST
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atali riots victims are difficult to survive in faridabad

दंगे का दंश झेल रहे अटाली के दंगा पीड़ित परिवारों के सामने अब मकान के किराए की नई मुसीबत आ गई है। कई परिवार ऐसे हैं जो किराये के बोझ के कारण भूखे मरने के कगार पर पहुंच गए हैं। पीड़ित सशर्त गांव लौटने की इच्छा जता रहे हैं।

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अटाली गांव में एक धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर 25 मई को वर्षों से साथ रह रहे दो समुदायों को आमने-सामने कर दिया, जिसके बाद अल्पसंख्यक परिवारों ने गांव छोड़कर खंदावली, बड़खल, फतेहपुर तगा के साथ सुभाष कॉलोनी, अज्जी कॉलोनी, सेक्टर तीन और 62 में शरण ले ली।
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हालांकि मामला शांत होता देख कुछ परिवार गांव में दोबारा चले गए हैं, लेकिन इनकी संख्या काफी कम है। कई माह बीत जाने के बाद जब सुलह के आसार दिखाई नहीं दिखे तो शरणार्थियों ने रोजी रोटी के लिए इन्हीं गांव व कॉलोनियों में काम-धंधा शुरू कर दिया है।

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किराए में जा रही आधी से ज्यादा कमाई

atali riots victims are difficult to survive in faridabad

वहीं, इन लोगों को गांव में वापस लाने का प्रयास शांति कमेटी कर रही है। अटाली निवासी जाकिर हुसैन इन दिनों खंदावली गांव में किराए पर दुकान लेकर किराने का सामान बेच रहे हैं। साथ ही किराए पर मकान भी लिया हुआ है।

जाकिर ने बताया कि इस लड़ाई में मजदूर व गरीब आदमी पिस रहा है। दुकान व मकान दोनों पांच हजार रुपये के किराए पर हैं। गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।

रोशन खान ने बताया कि गांव में पहले मजदूरी कर गुजरा कर लेते थे, लेकिन यहां तो वो भी नहीं मिल रही। बड़ा लड़का 5800 रुपये मासिक वेतन पर एक ठेकेदार के साथ काम करता है। जिसमें से चार हजार रुपये तो किराए में चले जाते हैं।

भूखे मरने की नौबत आ गई है

atali riots victims are difficult to survive in faridabad

चटनी से रोटी खाकर गुजारा चल रहा है। भूखे मरने की नौबत आ गई है। शबनम के पति राजू को जैसे-तैसे नौ हजार रुपये में ड्राइवरी की नौकरी मिल गई है।

लेकिन शबनम को तीन हजार रुपये का किराया भारी लगता है। अज्जी कॉलोनी में साबू ने एक कमरा किराये पर लिया है लेकिन उसके ढाई हजार किराए ने साबू को हिला दिया है।

बुजुर्ग शेरू खान कहते हैं कि शरणार्थी भरी जिंदगी से तंग हैं। अब तो शांति कमेटी ही न्याय दिला सकती है। गांव जाएंगे तो कुछ तकलीफ से छुटकारा मिल सकेगा।

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