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वाजपेयी कभी निराश नहीं हुए, चेहरे पर हमेशा झलकती थी मुस्कान

Fri, 17 Aug 2018 12:38 AM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Aug 2018 12:38 AM IST
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Atal Bihari Vajpayee never got frustrated despite suffering from serious illnesses
फाइल फोटो
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होने के बावजूद कभी निराश नहीं हुए। उनके चहेरे पर हमेशा मुस्कान बनी रहती थी। उनकी नियमित जांच करने को आने वाले और गत दो माह से एम्स में उनकी देखरेख करने वाले चिकित्सक उनके मनोबल के कायल हो गए थे।
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एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पूर्व पीएम का मनोबल बहुत ऊंचा था। जब भी उनका स्वास्थ्य बेहतर स्थिति में आ रहा था और वे अपनी आंखों को खोलते तो उनके चेहरे पर हमेशा से  ही रहने वाली मुस्कान नजर आती थी।
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वे हर बार बीमारी को मात देते और मनोबल ऊंचा होने के कारण दवाओं का असर भी उन पर होने लगता था। एम्स की स्टॉफ नर्स ने बताया कि पूर्व पीएम का व्यवहार एकदम जुदा था।        
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पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी कई वर्षों से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। राजधानी स्थित उनके निवास पर एम्स के डॉक्टरों की टीम नियमित जांच के लिए पहुंचती थी, लेकिन 11 जून को अचानक से उनकी तबियत बिगड़ गई।

Atal Bihari Vajpayee never got frustrated despite suffering from serious illnesses
Narendra modi-Atal bihari vajpayee
आनन फानन में एम्स लाए गए पूर्व पीएम की जांच हुई तो पता चला कि उन्हें यूरीन में संक्रमण है। उन्हें न्यूरो सेंटर की पहली मंजिल पर रखा गया था। इसके चलते एसपीजी टीम ने पूरी मंजिल को सुरक्षा कारणों के चलते कब्जे में लिया था।

चिकित्सकों को एक बार उनका डायलिसिस भी किया  और  एंटीबॉयोटिक दवाओं की डोज देकर स्वास्थ्य में  सुधार लाने की कोशिश करते रहे। उस दौरान  एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना था कि कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद पूर्व पीएम को छुट्टी दे दी जाएगी।

उनके स्वास्थ्य में थोड़ा बहुत सुधार देखने को मिल रहा है। हो भी कुछ ऐसा ही रहा था, भर्ती करने के कुछ ही दिन बाद पूर्व पीएम की आंखें खुलने लगी थीं। वे इशारों में बातचीत भी कर रहे थे।

कई नेताओं ने उनसे एम्स आकर मुलाकात भी की थी, लेकिन बुधवार दोपहर अचानक से बिगड़ी तबियत को चिकित्सक तमाम प्रयासों के बाद भी सुधार नहीं पाए। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि कई बार पूर्व पीएम का स्वास्थ्य नाजुक स्थिति में आया, लेकिन हर बार वे अपने  मनोबल की ताकत से उस हालात से उबर गए।
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