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डॉक्टर आस्था मुंजाल मौत मामले की उलझी गुत्थी, अंधेरे में कैसे लगा सकती हैं नस में इंजेक्शन

Thu, 07 Mar 2019 06:16 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 07 Mar 2019 06:16 AM IST
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Astha Munjal Death case, Police investigation underway
आस्था मुंजाल मौत केस - फोटो : अमर उजाला
महाराजा अग्रसेन अस्पताल में डॉक्टर आस्था मुंजाल की मौत की गुत्थी और उलझती जा रही है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से खुलासा हुआ है कि रात करीब 12.18 बजे डॉ. आस्था ने अपने केबिन में घुसते ही वहां की लाइट बंद कर दी थी। उसके बाद सुबह जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला, तो 5.15 बजे दरवाजा तोड़ा गया। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि इस दौरान उनके कमरे में लाइट जली ही नहीं थी।
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सूत्रों का कहना है कि यदि आस्था ने 12.18 से 5.15 के बीच खुद के हाथ की नस में इंजेक्शन लगाया, तो वह अंधेरे में खुद को इंजेक्शन लगा ही नहीं सकती हैं। ऐसे में उनको इंजेक्शन किसने लगाया। क्या इंजेक्शन लगाने से ही उनकी मौत हुई या उनकी मौत के कुछ और कारण हैं। पुलिस ने बुधवार को लेडी हार्डिंग अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से उनके शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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सूत्रों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि रात 8.41 बजे से 9 बजे के बीच एक वार्ड बॉय उनके केबिन में गया था। 19 मिनट उसने उनके कमरे में क्या किया। इसके अलावा एक नर्स 9.08 बजे से 9.27 बजे तक उनके कमरे में रही।
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दूसरी ओर जांच के दौरान पता चला है कि 10.40 बजे डॉक्टर आस्था ने खाना खाया था। ऐसा तो नहीं कि उनके कमरे में जाकर किसी ने उनके खाने में कुछ नशीला या जहरीला पदार्थ मिला दिया हो। पुलिस ने आस्था के खाने के सैंपल भी कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस इन सब सवालों के जवाब ढूंढने के प्रयास कर रही है।

 

कमरे में मिली दवा की शीशी अहम सुराग

मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जो तीन दवाओं की शीशी आस्था के केबिन से मिली हैं, वह न तो अस्पताल में मिलती हैं और न ही कोई उसे किसी मेडिकल स्टोर से खरीद सकता है। उस नाम की दवा को लाइसेंस धारक अस्पताल या कोई फार्मासिस्ट खरीद सकता है। शीशी पर उसका बैच नंबर पड़ा हुआ है। उस नंबर के आधार पर पता चल जाएगा कि दवा किसने और कहां से खरीदी थी। उसके आधार पर पुलिस खरीदार तक पहुंच सकती है।

मोबाइल व लैपटॉप को खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आस्था का मोबाइल व लैपटॉप अपने कब्जे में लेकर उसकी छानबीन शुरू कर दी है। सीडीआर और लैपटॉप की छानबीन कर पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मौत से पहले आस्था किन-किन लोगों के संपर्क में थी, इसके अलावा लैपटॉप में उसके क्या-क्या डॉक्युमेंट्स है। पुलिस आस्था के फेसबुक अकाउंट की भी पड़ताल कर रही है।
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