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विधानसभा में प्रस्ताव पास, अधिसूचना असंवैधानिक

Thu, 28 May 2015 04:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 May 2015 04:43 PM IST
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Assembly passes resolution, notification unconstitutional-is illegal.

दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को विधायक सोमनाथ भारती की तरफ से केंद्र की जारी अधिसूचना को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार देने, सांसदों को पत्र लिखे जाने का प्राइवेट मेंबर प्रस्ताव पास कर दिया गया।

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इसमें चार संशोधन स्वीकार किए गए। दो दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन आम आदमी पार्टी विधायक महेंद्र गोयल ने अधिसूचना की प्रति फाड़ी। तो भाजपा विधायकों ने सांकेतिक वॉकआउट भी किया।
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प्रस्ताव पास किए जाने के पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा मंत्री गोपाल राय ने केंद्र व उपराज्यपाल पर खूब हमले किए। इसके अलावा प्रस्ताव पर भाजपा के तीन विधायक समेत करीब दो दर्जन विधायकों ने अपनी बात रखी।
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भाजपा विधायक जगदीश प्रधान ने कहा गृहमंत्री ने साफ किया है कि राज्य सरकार के अधिकार नहीं छीने हैं। लेकिन लगता है कि ऐसा हो रहा है तो भाजपा विधायक आपके साथ हैं।

भाजपा ने किया सांकेतिक वॉकआउट

Assembly passes resolution, notification unconstitutional-is illegal.

चर्चा में विधायक मदनलाल ने यहां तक कह दिया कि अगर दिल्ली सरकार के पास अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग की शक्ति नहीं तो फिर विधानसभा इन्हें वेतन भी क्यों दे। इस पर सभी आप विधायकों ने समर्थन का शोर मचाया।

लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार ऐसा नहीं करना चाहती। केन्द्र सरकार, उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच चल रहे विवाद के कारण अधिकारी पहले ही परेशान हैं।

काम प्रभावित हो रहा है। मैं आश्वस्त करता हूं कि सरकार अधिसूचना को लेकर ऐसा कुछ नहीं करेगी। चर्चा की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष समेत सभी तीन भाजपा विधायकों ने बिजली-पानी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की मांग करके नारे लिखी फाइलें और काली पट्टी के साथ विरोध दर्ज कराया।

यहां तक की सांकेतिक वॉकआउट भी किया। विजेंद्र गुप्ता की तरफ से नियम 114 में निंदा प्रस्ताव के प्रावधान नहीं होने का जिक्र करके स्वीकार नहीं किया गया।

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