मनोज तिवारी के घर पर हमले में पुलिसवाले को मिली सजा, एएसआई निलंबित
पीसीआर में तैनात एएसआई निलंबित
- मनोज तिवारी के आवास में तोड़फोड़ और उनके स्टाफ की पिटाई का मामला
- आरोपियों को लेकर सांसद के आवास में घुस गया था एएसआई
विस्तार
दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी के सरकारी आवास में रविवार रात हुई तोड़फोड़ और स्टाफ को पीटने के मामले में पीसीआर में तैनात एएसआई कैलाश चंद को जांच होने तक निलंबित कर दिया गया।
दूसरी तरफ पुलिस ने सांसद मनोज तिवारी को सीसीटीवी फुटेज देने के लिए नोटिस दिया है। तिवारी ने अपने सरकारी आवास के सामने खुद कई सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। पुलिस के अनुसार 100 नंबर पर कॉल होने पर पीसीआर सबसे पहले पहुंची थी।
पीसीआर इंचार्ज एएसआई कैलाश आरोपियों को लेकर सांसद के घर में घुस गए थे। आरोप है कि वह आरोपियों को सांसद के आवास में घुमाते रहे। सीसीटीवी फुटेज में भी दिखाई दे रहा है कि एएसआई आरोपियों को सांसद के आवास के अंदर लेकर जा रहे हैं और काफी समय बाद बाहर निकल रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के लिए नोटिस
पुलिस ने तिवारी से उनके आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के लिए नोटिस दिया है। हालांकि अभी तक फुटेज मिली नहीं है। गौरतलब है कि नॉर्थ एवेन्यू थाना पुलिस ने सांसद के घर में घुसकर तोड़फोड़ व पीए की पिटाई के मामले में सात आरोपियों जयकुमार, जसवंत, ओमप्रकाश, सुनील कुमार, प्रदीप कुमार, परशुराम और जगदीश को गिरफ्तार किया था। इनमें जयकुमार, जसवंत व जगदीश सगे भाई हैं।
जगदीश राष्ट्रपति भवन में कुक है। मामले में ये सात ही आरोपी हैं। जय कुमार रविवार रात वैगन आर कार से सर्विस रोड से जा रहा था। मोड़ पर उसकी गाड़ी ने मनोज तिवारी के स्टाफ की स्कॉर्पियो कार को टक्कर मार दी।
इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। तिवारी के ड्राइवर ने बताया कि वह सांसद का ड्राइवर है। बावजूद इसके जयकुमार ने अपने भाई व साथियों को बुलाकर सांसद के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के अलावा उनके पीए व रसोइये से मारपीट की थी।