कैब में हुए रेप की पूरी कहानी
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दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत के मुताबिक पुलिस के हत्थे रेप आरोपी कैब ड्राइवर चढ़ गया है। कैब में रेप करने वाले इस आरोपी को मथुरा के आनंदवन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पीड़िता की शिकायत के बाद से लगातार आरोपी को ढूंढने की कोशिश कर रही थी। आरोपी ने रेप करने के बाद अपनी मोबाइल फोन बंद कर रखा था।
गिरफ्तारी के बाद उसे दिल्ली लाया जा रहा है। रात में आरोपी से पूछताछ होनी है, और कल सुबह उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस कोशिश करेगी कि कल कैब ड्राइवर को पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में रखा जाए। वहीं दूसरी अमेरिकी कैब कंपनी उबर ने सफाई पेश की है, उसके मुताबिक वह इस मामले में पूरा सहयोग करेगी, जिससे रेप आरोपी को सजा मिल सके।
कंपनी की टैक्सी में रेप के बाद कई सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस तरह से ये कंपनी काम कर रही है। कैब में जीपीआरएस सिस्टम नहीं लगा था। कंपनी के मुताबिक वाहनों को मोबाइल एप्लीकेश और उसके जीपीएस सिस्टम के जरिए ट्रेस किया जाता था।
शनिवार को ही पकड़ा जा सकता था, आरोपी
गुड़गांव में फाइनेंस कंपनी में कार्यरत युवती से दुष्कर्म मामले में आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस की खामी फिर से उजागर हुई है। सूत्रों के मुताबिक तालमेल के अभाव और पुलिस टीमों में गिरफ्तारी का श्रेय लेने की होड़ में आरोपी गिरफ्त में नहीं आ पाया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रेप मामले की जांच के दौरान स्थानीय थाने (सराय रोहिल्ला) की पुलिस को आरोपी कैब ड्राइवर का लोकेशन मथुरा में मिला। साथ ही स्थानीय थाना पुलिस को इस बात की भी भनक लग गई कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम भी आरोपी को दबोचने के लिए जांच में जुट गई है। गिरफ्तारी का श्रेय लेने की होड़ की वजह से स्थानीय पुलिस ने इस बात की जानकारी होने के बावजूद कि आरोपी घर पर मौजूद नहीं है, उसके घर पर दबिश दे दी।
आरोपी के घर पर पहुंचते ही उसके परिवार वालों ने उसे इस बात की जानकारी दे दी, जिससे आरोपी वहां से भागने में कामयाब हो गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि देर रात अगर आरोपी के घर पर दबिश दी जाती तो संभव था कि शनिवार को ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती, लेकिन तालमेल व श्रेय लेने की होड़ के चलते दिल्ली पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए करीब 24 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
दिल्ली पुलिस ने कैब कंपनी को नोटिस भेजा
दिल्ली पुलिस ने कैब कंपनी उबर को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी के अधिकारी सोमवार को मामले की जांच से जुड़ें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के रिजनल हेड से ड्राइवर के बाबत जानकारी ली जाएगी। साथ ही उनसे कैब को ऑपरेट करने के नियम कानून के बारे में जानकारी ली जाएगी। जांच में पता चला है कि कार में जीपीएस नहीं लगा था, ऐसे में कंपनी लोगों को किस तरह से सुरक्षा मुहैया करने का दावा करती है, इस पर भी पूछताछ की जाएगी।
मामले से जुड़े हैं ये अहम सुराग
गौरव के नाम से रजिस्टर था शिव का सिम
आरोपी शिव कुमार का सिम गौरव के नाम पर रजिस्टर था। पुलिस ने वारदात के बाद जब शिव के सिम की जांच की तो पता चला कि वह गौरव के नाम से रजिस्टर है। छानबीन करने पर पता चला कि आरोपी का नाम शिव कुमार यादव है और उसके पिता का नाम रामनाथ यादव है और वह मूलत: मथुरा का रहने वाला है। उसके बाद ही टीम को मथुरा के लिए रवाना किया गया।
कैब चालक ही है स्विफ्ट का मालिक
कैब ड्राइवर ही वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार का मालिक है। कैब सेवा प्रदाता कंपनी उबर का कार के मालिक और ड्राइवर से अनुबंध है। कंपनी से कैब किराये पर लेने के लिए स्मार्टफोन पर इसका एप्लीकेशन डाउनलोड करना पड़ता है। एप्लीकेशन खुलने के बाद संबंधित क्षेत्र का मैप मोबाइल पर आ जाता है। उसके बाद वहां पहुंचने वाले कैब का नंबर, ड्राइवर का फोटो औैर नाम मोबाइल पर आ जाता है। सफर खत्म होने के बाद संपर्क करने वाले यात्री के मोबाइल पर बिल आ जाता है।
सुराग देने वाले को मिलेगा इनाम
दिल्ली पुलिस ने युवती से रेप करने वाले आरोपी पर एक लाख का इनाम घोषित किया था। दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि यह इनाम उस व्यक्ति को दिया जाएगा, जिसके सुराग देने पर आरोपी कैब ड्राइवर शिव कुमार यादव की गिरफ्तारी हुई।
शिवकुमार को पकड़ने को लगाई थी तीन टीम
मथुरा। दिल्ली में युवती से दुष्कर्म के आरोपी शिवकुमार को पकड़ने के लिए मथुरा पुलिस ने तीन टीम गठित की थीं। इसके लिए सीओ रिफाइनरी आईपीएस अजयपाल शर्मा, एसओ हाईवे और स्वाट टीम को लगाया गया था।
पड़ोसियों ने मीडिया कर्मियों को दौड़ाया
मथुरा में हाईवे क्षेत्र की चंद्रपुरी सूर्यनगर कॉलोनी में शिवकुमार यादव के घर कवरेज को गए मीडियाकर्मियों पर कॉलोनी के लोग आक्रामक हो उठे। शिव के बारे में जब मीडियाकर्मियों ने पूछताछ की और फोटो खींचने लगे तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और मीडियाकर्मियों को दौड़ा दिया।
दुष्कर्म मामले में आप का गृह मंत्री पर वार
राजधानी में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं पर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर वार किया है। आप का सवाल है कि गृह मंत्री का जवाब देना चाहिए कि पिछले छह महीनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए। मीडिया से बात करते हुए आप के मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप को छोड़कर दूसरी किसी पार्टी के पास दिल्ली को सुरक्षित करने की कोई योजना नहीं है।
मौजूदा केंद्र सरकार इस मामले में गंभीर तक नहीं है। नहीं तो शुक्रवार की रात कैब चालक एक युवती से दुष्कर्म करने की हिम्मत नहीं कर पाता। सिसोदिया का सवाल था कि दो साल पहले वसंत विहार की घटना में जिस तरह से एक बस नियमों की धता बताते हुए दिल्ली की सड़कों पर घूमती रही। उसी तरह दुष्कर्म के इस मामले में भी कैब का संचालन भी नियमों को दरकिनार कर हो रहा था। इससे साफ है कि दो साल में दिल्ली में कुछ भी नहीं बदला है।
सड़क पर उतर सकती है आप
इंद्रलोक दुष्कर्म मामले में आम आदमी पार्टी सड़क पर उतर सकती है। आप नेताओं का कहना है कि फिलहाल हमारी कोशिश सरकार को इस मामले में संवेदनशील करने की है। सरकार को हमारे सवालों का जवाब देना चाहिए। बावजूद इसके अगर केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन की तरफ से बड़ा कदम नहीं उठाया गया तो पार्टी सड़क पर उतरने से भी नहीं हिचकेगी।
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर चल रही थी कैब
जिस कैब में युवती से ड्राइवर ने रेप किया उसके मूवमेंट पर नजर रखने के लिए कंपनी मोबाइल जीपीएस का प्रयोग करती थी। कंपनी ने चालकों को मोबाइल दे रखा है, जिससे उस मोबाइल को ट्रैक कर पता चल जाता है कि ड्राइवर ने सवारी को कहां छोड़ा। शायद यही वजह थी कि ड्राइवर ने वारदात को अंजाम देने के बाद उसे घर तक छोड़ा।
उबर कंपनी के साउथ एशिया कम्यूनिकेशन डेह करुण आर्या ने ई मेल से पूछे गए सवाल पर अमर उजाला को दिए जवाब में माना कि कैब में जीपीएस नहीं लगा था। मगर उन्होंने ड्राइवर को एक मोबाइल दिया है, जिसमें लगे जीपीएस सुविधा से वह पता कर लेते हैं कि ड्राइवर किस रूट पर है।
कंपनी का दावा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस को सारी जानकारी मुहैया करा दी। कंपनी ने कहा कि पुलिस को ड्राइवर का नाम, उम्र, फोटो, लाइसेंस की पूरी डिटेल, बैंक से वेरीफाई पता, राज्य की ओर से जारी परमिट की कॉपी और वाहन का रजिस्ट्रेशन पेपर दे दिए गए। हालांकि पुलिस अधिकारी ने इससे इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें कंपनी से फोटो नहीं मिली थी। कंपनी का यह भी दावा है कि उन्होंने मोबाइल के जरिये ट्रैक किए गए लोकेशन को भी पुलिस के साथ शेयर किया था।
उधर परिवहन विभाग ने कहा है कि वारदात में शामिल कैब को ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट जारी किया गया है। यह देवली के पते पर रजिस्टर्ड है और इसी वर्ष इसे परमिट जारी किया गया है। परिवहन विभाग के मुताबिक ऐसे परमिट वाले वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य नहीं है। बस चालक के पास व्यावसायिक लाइसेंस होना चाहिए। बताया जा रहा है कि वाहन को रजिस्टर्ड कराने के लिए शिव कुमार यादव ने देवली के एड्रेस प्रूफ के तौर पर बैंक के पासबुक की कॉपी दी थी।