केजरी-जेटली Sorry मामला: कुछ इस अंदाज में दिल्ली के CM ने वित्त मंत्री से मांगी माफी..
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पांच आप नेताओं ने डीडीसीए मानहानि के तीन मामलों में केंद्रीय अरुण जेटली से बिना शर्त माफी मांगी है। आप के इन नेताओं की माफी को अरुण जेटली ने स्वीकार कर लिया है।
इसे केजरीवाल व अन्य आप नेताओं के लिये बड़ी राहत माना जा रहा है। जेठली ने केजरीवाल के खिलाफ हाईकोर्ट में 10 करोड़ रुपये के दो मामले दायर किए हुए है जबकि एक पटियाला हाउस अदालत में विचारधीन है।
हाईकोर्ट व पटियाला हाउस अदालत में दोनों पक्षों की ओर से संयुक्त अर्जी दायर कर मामलों को वापस लेने का आग्रह किया है। इन अर्जियों पर मंगलवार को संबंधित अदालतों में सुनवाई होगी। यह अर्जियां केजरीवाल व अन्य नेताओं की ओर से अरुण जेटली को लिखे गये पत्रों के आधार पर दायर की गई हैं।
मानहानि के इन मामलों में केजरीवाल के साथ राघव चड्ढा, दीपक वाजपेयी, आशुतोष व संजय सिंह ने माफी मांगी है। दूसरी ओर कुमार विश्वास ने इन अब तक माफी नहीं मांगा है।
केजरीवाल ने खत में लिखा कि..
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हाईकोर्ट में विचाराधीन पांच-पांच करोड़ के दो मानहानि मामले में कहा है कि उन्होंने जिन तथ्यों के आधार पर जो भी आरोप लगाये थे वह गलत पाये गये हैं। इन आरोपों से जेटली व उनके परिजनों की किसी भी तरह की मानहानि के लिये वह बिना शर्त माफी मांगते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि उन्होंने कभी वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी को कभी भी केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को अपमानित करने या उनके प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग का निर्देश नहीं दिया और न उन्हें कभी इसकी जानकारी थी। इस मामले में भी वे खेद प्रकट कर रहे है।
पटियाला हाउस अदालत में दायर अर्जी में कहा गया है कि जिन तथ्यों के आधार पर उन्होंने आरोप लगाये थे वह किसी अन्य शख्स ने उन्हें दिये थे। यह आरोप आगे चलकर गलत पाये गये हैं।
सीएम ने आगे कहा..
केजरीवाल ने कहा प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक व सोशल मीडिया में जो भी आरोप लगाये उन्हें वह वापस लेते हैं और उसके लिये बिना शर्त माफी मांगते हैं।
पेश मामला दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) से जुड़ा है। मुख्यमंत्री केजरीवाल समेत छह आप नेताओं ने बयान जारी कर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाये थे।
इन नेताओं का कहना था कि वर्ष 1999 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे और उनके कार्यकाल में कामकाज में भारी वित्तीय अनियमितता हुई थी और निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया था।
जेटली ने इन आरोपों को झूठा व बेबुनियाद बताते हुये मानहानि का एक मामला पटियाला हाउस अदालत व 10 करोड़ रुपये के मुआवजे के लिये मामला हाईकोर्ट में दायर किया था। जेटली ने 10 करोड़ की मानहानि का दावा राम जेठमलानी द्वारा अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल बाद हाईकोर्ट में दायर किया था।