केजरीवाल के पास नहीं है अपने खर्चे कर हिसाब!
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हाईकोर्ट ने जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली याचिका के आधार पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व कानून मंत्री सोमनाथ भारती को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान कर दिया है।
उनपर चुनावों में तय सीमा से अधिक धन का इस्तेमाल करने का आरोप है। याचिका में केजरीवाल व भारती की सदस्यता रद करने व उन पर छह वर्ष तक चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी के समक्ष केजरीवाल व सोमनाथ भारती के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किलों को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया जाए। अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार कर दो सप्ताह का समय प्रदान कर सुनवाई 17 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
तय सीमा से ज्यादा पैसे खर्च कर दिए केजरीवाल ने
अदालत ने नई दिल्ली से भाजपा के प्रत्याशी रहे विजेन्द्र गुप्ता व मालवीय नगर से प्रत्याशी रही आरती मेहरा द्वारा दायर अलग-अलग याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया है। दोनों ने याचिका में जंतर मंतर पर 23 नवंबर 2013 को हुए रॉक शो ‘जीत की गूंज-वोट फॉर चेंज’ के खर्च को इनके चुनाव खर्च में जोड़ने को मुख्य आधार बनाया है।
विजेन्द्र गुप्ता व आरती मेहरा के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि तय नियमों के तहत चुनावों में हर प्रत्याशी 14 लाख रुपये खर्च कर सकता है। उन्होंने केजरीवाल ने अपना चुनाव खर्च 3,99,953 रुपये दिखाया है जबकि सोमनाथ भारती ने 4,95,330 रुपये दिखाया है।
उन्होंने कहा चुनाव आयोग ने उनके मुवक्किलों की शिकायत पर जांच की और रॉक शो पर कुल खर्च 39 लाख 16 हजार 459 रुपये आंका है। चुनाव आयोग ने यह खर्च केजरीवाल, भारती व सुरेन्द्र कुमार के चुनाव खर्च में जोड़ने का निर्देश दिया।
केजरीवाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग
चुनाव में ज्यादा खर्च करने पर विजेंद्र गुप्ता ने तय राशि से अधिक खर्च अपने चुनाव में की है तथा वे अपने पद पर नहीं रह सकते।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और सोमनाथ भारती का चुनाव रद्द कर अयोग्य ठहराया जाए। इसके अलावा दोनों पर छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
AAP खुद को आरटीआई को नहीं मानती
न्यायभूमि संस्था के सचिव राकेश अग्रवाल ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने केजरीवाल के आरटीआई कार्यकर्ता और पार्टी के पारदर्शी होने के दावों पर सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने की लड़ाई लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी खुद उसे नहीं मानती।
खुद को आप का पूर्व सहयोगी बताने वाले राकेश अग्रवाल ने मंगलवार को गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी ओर से लगाई गई 13 आरटीआई का आज तक कोई जवाब नहीं मिला।