{"_id":"589360dcf9c99d7c5299ca255de8f213","slug":"arvind-kejriwal-has-returned-kaushambi","type":"story","status":"publish","title_hn":"लौट के अरविंद केजरीवाल कौशांबी आए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लौट के अरविंद केजरीवाल कौशांबी आए
अमर उजाला, कौशांबी
Updated Wed, 30 Jul 2014 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार को परिवार के साथ कौशांबी स्थित अपने पुराने फ्लैट मेें लौट आए। करीब छह माह बाद लौटे केजरीवाल अब गिरनार टावर के फ्लैट संख्या 403 में ही रहेंगे। दिल्ली के लोगों के साथ ईद मनाकर वे मंगलवार रात कौशांबी पहुंचे।
विज्ञापन
कौशांबी के गिरनार टॉवर में अरविंद का परिवार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पहुंचा। अरविंद के पिता, मां, पत्नी सुनीता और उनके दोनों बच्चे गाड़ी से घर पहुंचे। सोमवार को आधा सामान पहुंचने के बाद मंगलवार शाम को बाकी का सामान भी गिरनार पहुंचा।
विज्ञापन
रात को अरविंद के साथ कार्यकर्ताओं का जत्था भी उनके साथ पहुंचा। पार्टी के जिला संयोजक ठाकुर देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सोमवार को ही आना था। मगर सामान शिफ्ट नहीं होने के चलते मंगलवार को पहुंचे।
विज्ञापन
पुलिस को नहीं अरविंद के आने की जानकारी
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें अरविंद के कौशांबी आने की कोई जानकारी नहीं है। अगर उनकी ओर से सुरक्षा की मांग की जाती है तो उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। सूत्राें की मानें तो गाजियाबाद पुलिस जल्द ही एक सुरक्षा दस्ता उनके घर के सामने तैनात कर सकती है।
कौशांबी कार्यालय एक बार फिर होगा खास
आप पदाधिकारियों के अनुसार दिल्ली का काम हनुमान रोड स्थित पार्टी कार्यालय से चलेगा। मगर अरविंद के गाजियाबाद में आने के बाद एक बार फिर कौशांबी कार्यालय खास हो जाएगा। अरविंद आसानी से सभी बैठकों में हिस्सा ले सकेंगे।
गाजियाबाद की राजनीति में भी होंगे सक्रिय
अब अरविंद दिल्ली के साथ गाजियाबाद के भी मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाएंगे। गाजियाबाद की राजनीति में भी पकड़ बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरेंगे। आप की गाजियाबाद इकाई अरविंद के आने से जोश में है।
आवास खाली करने का दिया गया था नोटिस
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद केजरीवाल पर तिलक लेन स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था लेकिन बेटी की परीक्षा की बात करते हुए उन्होंने सरकारी आवास में रहने में मियाद बढ़ा ली।
केजरीवाल की गुजारिश थी कि जुलाई के अंत तक मकान खाली कर देंगे, हालांकि इसके लिए उन्हें बाजार दर पर किराये का भुगतान करना पड़ा। इस बीच वह दिल्ली में किराये का मकान खोजते रहे।
मयूर विहार में एक मकान मालिक आखिर वक्त पर फ्लैट देने से इंकार कर दिया। इसके बाद सिविल लाइंस में एक मकान फाइनल किया गया, लेकिन दो भाइयों के बीच कानूनी विवाद की वजह से अरविंद इसमें शिफ्ट नहीं हो सके।