केजरीवाल ने जुटाया सबसे ज्यादा चंदा
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बनारस में बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैदान में उतरे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चंदा उगाहने के मामले में सभी को पीछे छोड़ दिया है।
पहली बार लोकसभा चुनाव के दंगल में उतरी आम आदमी पार्टी ने चुनाव में चंदा चाहे जितना भी जुटाया हो लेकिन खर्च करने के मामले में उसका रिकॉर्ड बड़ा ही अनोखा दिख रहा है।
मौजूदा संसदीय चुनाव को बेशक अब तक का सबसे महंगा चुनाव माना जा रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी ने पूरा चुनाव सस्ते में निपटा लिया।
प्रचार बढ़ा और चंदा घटा!
दरअसल, आम लोगों के चंदे के भरोसे आप लोक सभा चुनाव में उतरी थी। शुरुआत में दावा किया गया था कि जरूरतमंद प्रत्याशियों को पार्टी आर्थिक मदद करेगी, लेकिन प्रचार अभियान आगे बढ़ने के साथ पार्टी की चंदा लाइन जोर नहीं पकड़ पाई।
12 मई को वोटिंग के बाद पार्टी कोष में सिर्फ 35.48 करोड़ रुपये ही आ सके। वहीं, 'आप' ने करीब 432 उम्मीदवारों का मैदान में उतारा था।
चुनाव आयोग की 70 लाख खर्च की सीमा को अगर ध्यान में रखें तो सभी उम्मीदवार मिलकर करीब 302.40 करोड़ रुपये खर्च कर सकते थे।
AAP ने जारी किया था ये फरमान
उम्मीद के मुताबिक चंदा न आते देख पार्टी आर्थिक मदद के दावे से हट गई थी। फरवरी की शुरुआत में ही उम्मीदवारों को बता दिया गया था कि वह अपने स्रोतों से नकदी जुटाकर चुनाव लड़ें।
लिहाजा केंद्रीय स्तर के प्रचार अभियान के लिए पार्टी को खर्च करना था। इसमें संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसौदिया, संजय सिंह, गोपाल राय समेत वरिष्ठ नेताओं की रैलियों में होने वाला खर्च शामिल था।
पार्टी सूत्रों की मानें तो करीब 25 करोड़ रुपये के खर्च पर आप ने पूरा चुनाव लड़ डाला। हालांकि, उम्मीदवारों का खर्च इससे अलग है।
चंदा देने में काशी अव्वल, नोएडा फिसड्डी
'आप' के प्रत्याशी को व्यक्तिगत चंदा देने के मामले में काशी अव्वल रहा। पार्टी की ऑनलाइन सूची में संयोजक अरविंद केजरीवाल को 2567 लोगों ने चंदा दिया। पूरी राशि आयोग की 70 लाख की खर्च सीमा पार कर गई।
केजरीवाल को कुछ नकदी 87,08,163 रुपये मिले। दूसरे नंबर पर अमेठी प्रत्याशी कुमार विश्वास रहे। विश्वास को राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए 1471 लोगों ने 34,93,344 रुपये चंदे में दिए।
दूसरी तरफ नोएडा से आप के प्रत्याशी चंदे के मामले में सबसे निचले पायदान पर रहे।
अपने गढ़ में ही कुछ नहीं मिला
नोएडा यानी गौतमबुद्घनगर लोकसभा सीट पर पार्टी के प्रत्याशी केपी सिंह को एक रुपया भी चंदा नहीं मिल सका।
दूसरी तरफ यूपी के पीलीभीत व बस्ती के प्रत्याशी को दस रुपये व बिजनौर के प्रत्याशी को 11 रुपये चंदा मिल सका। इनके साथ करीब दस उम्मीदवार दस रुपये से पचास रुपये तक चंदा ले सके।
अपने ही गढ़ में आम आदमी पार्टी को एक रुपया भी चंदा न मिलना बहुत ही चिंताजनक है।