{"_id":"5dd2f52d8ebc3e54bc047895","slug":"arvind-kejriwal-challenges-ram-vilas-paswan-over-dirty-water-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंदे पानी पर सियासत जारी, केजरीवाल की पासवान को चुनौती, आइए साथ-साथ करें पानी के सैंपल की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंदे पानी पर सियासत जारी, केजरीवाल की पासवान को चुनौती, आइए साथ-साथ करें पानी के सैंपल की जांच
Tue, 19 Nov 2019 01:16 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 19 Nov 2019 01:16 AM IST
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में गंदे पानी पर छिड़ी सियासी जंग के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को चुनौती दी है कि सरकार हर वार्ड से पानी के पांच-पांच सैंपल लेने जा रही है। पासवान भी इस मौके पर आएं। इन नमूनों की जांच से साफ हो जाएगा कि दिल्ली में पानी की गुणवत्ता अच्छी है या खराब। दिल्ली सचिवालय में सोमवार को केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के बीते दस माह में लिए गए सैंपल का आंकड़ा भी पेश किया। इसमें जल बोर्ड के सिर्फ 1.5 फीसदी सैंपल ही फेल हुए।
विज्ञापन
केजरीवाल ने बताया कि इस साल जनवरी से सितंबर तक बोर्ड ने 1,55,302 से ज्यादा पानी के सैंपल की जांच की थी। इसमें से महज 2,222 सैंपल ही फेल हुए।। इस हिसाब से खराब सैंपल का आंकड़ा 1.5 फीसदी भी नहीं बैठता। इसी तरह अक्तूबर में 16,502 सैंपल में से महज 658 नमूने ही फेल हुए हैं। यह आंकड़ा भी चार फीसदी के करीब है।
विज्ञापन
केजरीवाल ने बताया कि डब्ल्यूएचओ का मानक है कि हर दस हजार की आबादी पर एक सैंपल लेकर पेयजल की जांच हो, तभी किसी शहर के पानी की गुणवत्ता का आकलन किया जा सकता है। लेकिन केंद्रीय मंत्री सिर्फ 11 सैंपल के आधार पर ही दिल्ली के पानी को गंदा बता रहे हैं। केजरीवाल ने इस गंदी सियासत करार दिया है।
विज्ञापन
केजरीवाल ने बताया कि केंद्र ने इस मानक का ध्यान नहीं रखा है। केजरीवाल ने माना कि पांच साल में सब कुछ ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि 70 सालों में पूर्ववर्ती सरकारों ने दिल्ली का बेड़ा गर्क कर दिया है। पांच साल में उसे ठीक करना मुश्किल नहीं है। हालांकि, पांच सालों में कई जगह नई पाइप लाइन पड़ी है। सीवर लाइन डाली गई है। केजरीवाल ने दावा किया है बीते पांच साल में इसमें बहुत सुधार आया है।
केंद्रीय मंत्री दे रहे हैं विरोधाभासी बयान
केंद्रीय मंत्रियों के बयानों को विरोधाभासी बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दिल्ली के पेयजल को यूरोपियन मानक से बेहतर बताते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी शेखावत के बयान का समर्थन किया था। अब राम विलास पासवान सिर्फ 11 सैंपल के आधार पर पूरी दिल्ली के पेयजल को गंदा व जहरीला बताकर लोगों को डरा रहे हैं।
मौसम साफ अब लागू नहीं होगा सम-विषम: केजरीवाल
दिल्ली में सम-विषम लागू नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा कि अब मौसम साफ हो गया है। सम-विषम लागू करने की जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार जनता को परेशान नहीं करना चाहती है। दरअसल दिल्ली सरकार ने 4 से 15 नवंबर के बीच सम-विषम लागू किया था। 15 नवंबर को इसे दोबारा बढ़ाने की बात कही जा रही थी। मगर केजरीवाल ने सोमवार को इस पर फैसला लेने की बात कही थ्री।