NEET: 'नेपाल-बांग्लादेश की तरह सड़क पर उतरें जेन-Z', केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर युवाओं से की आंदोलन की अपील
नीट पेपर लीक को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे ज्यादा पेपर लीक उन्हीं राज्यों में हुए, जहां भाजपा की डबल इंजन सरकार है।
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आम आदमी पार्टी ने पेपर लीक होने के बाद नीट की परीक्षा रद्द होने पर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर हमला बोला है। नीट पेपर लीक को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे ज्यादा पेपर लीक उन्हीं राज्यों में हुए, जहां भाजपा की डबल इंजन सरकार है। केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश के युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अब युवाओं को इस मुद्दे पर संगठित होकर आगे आना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि अब भी चुप्पी बनी रही तो आने वाले समय में हर साल पेपर लीक जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की थी। भारत के युवाओं को भी अपने भविष्य के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि देश के लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों मेहनत करते हैं। ऐसे में बार-बार पेपर लीक होना युवाओं के मनोबल को तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि देश के नेताओं और सरकारों को युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, कुछ गिरफ्तारियां होती हैं, लेकिन बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर अगली परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब भी युवाओं को उम्मीद है कि केवल जांच एजेंसियों के भरोसे इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं के कारण लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से देशभर में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केजरीवाल ने कहा कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इन मामलों में जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि कई लोग इसे केवल सिस्टम फेल कहकर छोड़ देते हैं, जबकि इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
नीट पेपर लीक को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा, ' मैं देश के जेन जी से सीधे बात करने आया हूं। मेरी बात ध्यान से सुनना। 2017, 2021, 2024 में पेपर लीक हुए थे। उस समय सीबीआई को जांच सौंप दी गई। क्या सीबीआई ने कुछ किया? इस बार भी सीबीआई को जांच सौंपी गई है। क्या सीबीआई कुछ करेगी? सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो देश में पेपर लीक करा रहे हैं।'
केजरीवाल ने कहा, 'जब से मोदी सरकार आई है तब से कुल 93 पेपर लीक हुए हैं। करीब 6 करोड़ युवाओं का भविष्य इन पेपरों में बंद था। इससे शक तो पैदा होता है। क्या इनके नेता पेपर लीक करा रहे हैं? अगर नेपाल और बांग्लादेश के जेन-जी सरकार बदल सकते है तो क्या हमारे देश के जेन-जी पेपर लीक करने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता है। अगर पेपर लीक रोकना है तो हमारी जेन जी को आंदोलन करना होगा।'
युवाओं को सड़कों पर उतरना होगा: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'वर्षों से नीट के पेपर लीक हो रहे हैं और हम सिर्फ सिस्टम को कोसकर आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन सिस्टम अपने आप नहीं चलता, उसके पीछे लोग बैठे हैं। उन्हें पहचानना होगा, पकड़ना होगा और जेल भेजना होगा। इसके लिए युवाओं को सड़कों पर उतरना होगा।'