'अरविंद केजरीवाल और सोमनाथ भारती का रवैया सीधा-सीधा देशद्रोह का है'
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वर्ष 2014 में गणतंत्र दिवस से पहले रेल भवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर आपत्तिजनक नारेबाजी कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पूर्वकानून मंत्री सोमनाथ भारती ने देशद्रोह का अपराध किया है।
ऐसे में उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना जरूरी है अत: सरकार को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने का निर्देश दिया जाए।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के समक्ष याची ने तर्क रखा कि मुख्यमंत्री व भारती ने 21 जनवरी 2014 को रेल मंत्रालय के समक्ष कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
‘मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाना जरूरी’
उन्होंने लोगों को भड़काया व इस दौरान हमें चाहिए आजादी, हमें चाहिए आजादी के नारे लगाए। याची ने कहा कि आखिर वे किस से आजादी मांग रहे थे।
उनका रवैया सीधा-सीधा देशद्रोह का है। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 26 अक्तूबर तय की है। यह याचिका अजय गौतम ने दायर की है।
याचिकाकर्ता के अनुसार सभ्य समाज में धरने के नाम पर कार्यपालिका और सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के सदस्यों को गुंडागर्दी कर सार्वजनिक सड़कों, मेट्रो स्टेशनों को अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस विरोध प्रदर्शन व धरने के कारण आम जनता को नुकसान उठाना पड़ा है।