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बिहार की संस्कृति के रंग में रंगा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, लोकगीतों से गुंजा परिसर
Thu, 21 Nov 2019 10:39 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 21 Nov 2019 10:39 PM IST
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लोक गायिका नीतू कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में बिहार की मिथिला पेंटिंग, टिकुली आर्ट, सुजनी कला की धूम मची है। गुरुवार को बिहार के कलाकारों के गीत संगीत से अंतरराष्ट्रीय मेला परिसर गुंजित हुआ। मेले में बिहार दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने किया।
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हंसध्वनि थियेटर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में नीतू कुमारी नवगीत, सत्येंद्र कुमार संगीत अमर आनंद तथा उषा कुमारी ने बिहार की संस्कृति से जुड़े पारंपरिक लोक गीतों की प्रस्तुति करते हुए उपस्थित श्रोताओं को खूब झुमाया। नीतू कुमारी नवगीत ने गंगा मैया की स्तुति करते हुए मांगी ला हम वरदान है गंगा मैया मांगी ला हम वरदान, कौने रंग वृंदावनवां, कौने रंगे यमुना, कौन है रंगे बृजबाला कन्हैया खेलत हो अंगना, राजा जनक जी के बाग में अलबेला रघुवर आयो जी, पटना से बैदा बुलाई द नजरा गईली गुईंया, राम जी से पूछे जनकपुर के नारी बता द बबुआ लोगवा देत काहे गारी बता द बबुआ जैसे पारंपरिक लोक गीतों को प्रस्तुत किया।
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बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से ओतप्रोत गीत जिस धरा पर हमने जन्म लिया वही हमारा महान है ए बिहार की धरती पर जीवन कुर्बान है हर दिल में बसता प्यार यहां पर गंगा प्यार की बहती है देव अतिथि कहलाते हैं मिस्त्री बोली में रहती है गीत पेश किया जिसे खूब पसंद किया गया।
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भोजपुरी रॉकस्टार सत्येंद्र कुमार संगीत ने बाल्मीकि ने रची रामायण लव कुश को जाने संसार यह है मेरा बिहार,बिदेसीया गीत चर्हती जवनिया बैरन भईले हमरो से के मोरा हरिहे कलेस रे बिदेसीया, अंगुरी मे दसले बिया नगीनिया रे ए ननदी दियरा जरा द जैसे गीत पेश किए। दर्शकों की मांग पर उन्होंने गोरिया चांद के अंजोरिया नियन गोर बारू हो तोहार जोड़ केहू नइखे तू बेजोड़ बारू हो, तलवा तलैया हिलोर मारे नया लहरे फसलिया ठावे ठाव गीत पेश किया।
कार्यक्रम के दौरान हरि भूषण झा ने तबला पर शशि भूषण झा ने ऑर्गन पर, कुमार पारस ने बैंजो पर, पंकज बिष्ट ने पैड पर और प्रीतम बग्गा ने ढोलक पर सतेंद्र कुमार संगीत और नीतू कुमारी नवगीत के साथ संगत किया। लोकप्रिय गायक अमर आनंद और उषा कुमारी ने भी बिहार के कई पारंपरिक गीतों को पेश कर श्रोताओं को झुमाया। प्रांगण में कलाकारों द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया गया।