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प्रदूषण से राहत देने को दिवाली बाद दिल्ली में हो सकती है कृत्रिम बारिश, आईआईटी-आईएमडी कर रहे तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 07 Nov 2018 05:08 AM IST
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प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी में जहरीली हवा से लोगों को निजात दिलाने के लिए दिवाली के बाद कृत्रिम बारिश हो सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) इस संबंध में आईआईटी कानपुर और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से बातचीत कर रहा है।
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सीपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि दिवाली पर दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक से आपातकालीन स्तर पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में विभाग खतरनाक प्रदूषकों को हटाने के लिए कृत्रिम बारिश कराने पर विचार कर रहा है। फिलहाल हम मौसम की स्थिति स्थिर होने प्रतीक्षा कर रहे हैं और उसके बाद ही क्लाउड सीडिंग से कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने बताया कि हम मौसम पर नजर बनाए हुए हैं, स्थितियां अनुकूल होने पर बारिश कराएंगे। क्लाउड सीडिंग रासायनों के मिश्रण को बादलों पर छिड़क कर बारिश कराने की प्रक्रिया को कहते हैं।
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दिल्ली सरकार ने 2016 में भी कृत्रिम बारिश के लिए क्लाउड सीडिंग की संभावनाओं को तलाशने की कोशिश की थी, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ पाई। पिछले साल केजरीवाल सरकार ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के समक्ष धूल के कण हटाने के लिए हेलीकॉप्टर से छिड़काव करने का भी प्रस्ताव रखा था।
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तीन हफ्तों से राजधानी में हालात बदतर
दिल्ली में बीते तीन हफ्तों से वायु की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई है। सीपीसीबी के मुताबिक, मंगलवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 394 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। बोर्ड ने दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की चेतावनी दी है।
कई वर्षों से चीन करा रहा है कृत्रिम बारिश
चीन कई वर्षों से कृत्रिम बारिश करा रहा है। अमेरिका, इस्रायल, दक्षिण अफ्रीका और जर्मनी भी सफलतापूर्वक इस तकनीक का इस्तेमाल कर चुके हैं। भारत में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भीषण सूखा पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया गया है।