आर्ट ऑफ लिविंग के दावे खोखले, विदेशी राष्ट्राध्यक्ष नहीं कर रहे शिरकत
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विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में देश विदेश के राष्ट्राध्यक्षों के आने के मामले में आर्ट ऑफ लिविंग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की भांति कई देशों के अधिकांश राष्ट्राध्यक्ष व अन्य नेता भी विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में शिरकत नहीं कर रहे हैं, जबकि करीब एक माह पहले आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्रीश्री रविशंकर ने एक दर्जन से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष के आने का ऐलान किया था।
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रवक्ता दिनेश घौड़के ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि महोत्सव में किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष नहीं आ रहे हैं। अभी तक नेपाल के उप प्रधानमंत्री ने आने की स्वीकृति दी है, जबकि पाक के पूर्व प्रधानमंत्री यूसूफ रजा गिलानी ने न तो आने और न ही नहीं आने के बारे में सूचना दी है। उन्होंने कई देशों के उन नेताओं के आने के बारे में बताया जो अब सत्ता में नहीं हैं।
श्रीश्री रविशंकर ने महोत्सव के समापन समारोह में देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को आमंत्रित किया था, लेकिन वह तो महोत्सव शुरू होने से कई दिन पहले ही आने सेे मना कर चुके है। जिसे एनजीटी में चल रहे विवाद का कारण माना जा रहा है।
मंच पर सिर्फ कार्यक्रमों की प्रस्तुति
आर्ट ऑफ लिविंग ने विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के लिए बनाए विश्व के सबसे बड़े मंच पर कोई भी नेता नहीं बैठेगा। इस मंच पर केवल कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्रीश्री रवि शंकर एवं कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों के बैठने के लिए एक अन्य मंच बनाया जाएगा। वह मुख्य मंच पर विचार रखने के लिए ही आएंगे।
विश्व सांस्कृतिक महोत्सव का शुक्रवार की शाम उद्घाटन होगा। इसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा विभिन्न प्रमुख हस्तियां यहां से लोगों को संदेश देंगे।
सुरक्षा के लिए हाईटेक उपकरण लगे
इसी तरह शनिवार व रविवार की शाम को कार्यक्रमों का आयोजन होने के बीच संदेश दिए जाएंगे। मगर इन दोनों दिन सुबह ध्यान व योग का आयोजन होगा। सुबह छह बजे से साढ़े सात बजे तक लोगों को कुर्सी पर ही योग और ध्यान कराया जाएगा, क्योंकि समस्त कार्यक्रम स्थल पर कुर्सी लगा दी गई है।
महोत्सव में सुरक्षा की दृष्टि से कुछ हाईटेक उपकरण इस्तेमाल करने का दावा किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे एसपी सिन्हा का कहना है कि सभी प्रवेश द्वार पर कुछ मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं जैसे प्रधानमंत्री कार्यालय और एयरपोर्ट में उपयोग किए जाते हैं।
सके अलावा पूरे आयोजन स्थल पर नजर रखने के लिए 170 सीसीटीवी लगाए गए हैं और सुरक्षाबलों की मदद के लिए पांच हजार स्वयंसेवक तैनात किए हैं इनको किसी भी आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ से ट्रेनिंग दिलवाई गई है।