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ब्लैक में मिले रहे गैस एजेंसियों से सिलेंडर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 19 Feb 2015 12:48 AM IST
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गैस एजेंसियों में आने वाले सब्सिडी सिलेंडरों की कालाबाजारी हो रही है। उपभोक्ता की बुकिंग कैंसल होने के बाद सिलेंडर एजेंसी के पास ही रहते हैं।
इसके बाद एजेंसी कर्मी सिलेंडर को 700 से 900 रुपये तक बेचते हैं। माना जा रहा है कि यह कालाबाजारी तब तक रहेगी जब तक सभी गैस उपभोक्ता का एकाउंट बैंक से अपलिंक नहीं हो जाता।
कुछ एजेंसियों में गैर सब्सिडी सिलेंडर की बुकिंग के बाद पर्ची नहीं दी जा रही। सिलेंडर देकर ग्राहकों को वापस भेज दिया जा रहा है।
गैस एजेंसियों में धड़ल्ले से डीबीटीएल योजना के फार्म जमा किए जा रहे हैं। अभी तक जनपद के 75 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपना सब्सिडी फार्म एजेंसियों में जमा कर दिया है।
जिनका फार्म जमा नहीं हुआ है उनके सिलेंडरों की कालाबाजारी हो रही है। सूत्र की मानें तो सब्सिडी सिलेंडर बहुत कम आ रहे हैं।
सब्सिडी सिलेंडर बुकिंग के 48 घंटे के अंदर डिलीवर नहीं होता है तो बुकिंग कैंसल हो जाती है। कुछ एजेंसी कर्मी फायदा उठाते हुए इन सिलेंडरों की कालाबाजारी करते हैं।
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बिना पर्ची के यह सिलेंडर दिए जाते हैं। यह धंधा विशेष कर विजय नगर और प्रताप विहार स्थित गैस एजेंसियाें में चलता है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ईरेश कुमार का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है। गैस कंपनी से निर्धारित संख्या में ही सिलेंडर आते हैं।
एजेंसी कर्मी हेरफेर करके यह कालाबाजारी करते हैं। ग्राहक की यदि बुकिंग कैंसल है तो वह गैस एजेंसी जाकर कारण पूछे। वैसे 31 मार्च के बाद कालाबाजारी पूरी तरह रुक जाएगी।
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इसके बाद एजेंसी कर्मी सिलेंडर को 700 से 900 रुपये तक बेचते हैं। माना जा रहा है कि यह कालाबाजारी तब तक रहेगी जब तक सभी गैस उपभोक्ता का एकाउंट बैंक से अपलिंक नहीं हो जाता।
कुछ एजेंसियों में गैर सब्सिडी सिलेंडर की बुकिंग के बाद पर्ची नहीं दी जा रही। सिलेंडर देकर ग्राहकों को वापस भेज दिया जा रहा है।
गैस एजेंसियों में धड़ल्ले से डीबीटीएल योजना के फार्म जमा किए जा रहे हैं। अभी तक जनपद के 75 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपना सब्सिडी फार्म एजेंसियों में जमा कर दिया है।
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जिनका फार्म जमा नहीं हुआ है उनके सिलेंडरों की कालाबाजारी हो रही है। सूत्र की मानें तो सब्सिडी सिलेंडर बहुत कम आ रहे हैं।
सब्सिडी सिलेंडर बुकिंग के 48 घंटे के अंदर डिलीवर नहीं होता है तो बुकिंग कैंसल हो जाती है। कुछ एजेंसी कर्मी फायदा उठाते हुए इन सिलेंडरों की कालाबाजारी करते हैं।
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बिना पर्ची के यह सिलेंडर दिए जाते हैं। यह धंधा विशेष कर विजय नगर और प्रताप विहार स्थित गैस एजेंसियाें में चलता है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ईरेश कुमार का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है। गैस कंपनी से निर्धारित संख्या में ही सिलेंडर आते हैं।
एजेंसी कर्मी हेरफेर करके यह कालाबाजारी करते हैं। ग्राहक की यदि बुकिंग कैंसल है तो वह गैस एजेंसी जाकर कारण पूछे। वैसे 31 मार्च के बाद कालाबाजारी पूरी तरह रुक जाएगी।