साहस और तकनीक से हर हालात से निपट सकती हैं छात्राएं
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प्रशिक्षक हर्ष उपमन्यु ने छात्राओं को बताया कि किसी भी विपरीत परिस्थितियों में उन्हें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। असामाजिक तत्वों को देखकर सावधान हो जाना चाहिए। अगर कोई कुछ गलत करने की कोशिश तो तैयारी कर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के कई दांव भी बताए। उन्होंने अगर कोई किसी छात्रा का हाथ पकड़ ले तो कलाई पकड़कर पीछे की तरफ गिराना चाहिए। साथ ही किक मारकर बचाव किया जा सकता है। प्रशिक्षक ने बताया कि जब कोई पीछे से आकर मुंह दबाने की कोशिश करे तो नीचे बैठ जाना चाहिए और उसके दोनो पैरों को कसकर पकड़ लेना चाहिए, जिससे वह भाग न सके।
उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को आत्मरक्षा के तमाम तरीके व तकनीकों को जानने का मौका मिलेगा। स्कूल की प्रधानाचार्य आरपी शर्मा ने कहा कि अमर उजाला की तरफ से चलाई जा रही यह मुहिम महिलाओं और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।
छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे सिखाना चाहिए, जिससे वह मौका पड़ने पर असामाजिक तत्वों का मुकाबला कर उन्हें परास्त कर सकें। अमर उजाला की मुहिम से यह सीख मिली है।- अंजली भाटी, छात्रा
स्कूलों में पढ़ाई के साथ कराटे का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इससे छात्राओं में भी किसी भी परिस्थिति का मुकाबला करने की हिम्मत आएगी।- मानवी चौधरी, छात्रा
आत्मरक्षा के लिए इस तरह के प्रशिक्षण से आत्मविश्वास भी बढ़ता है। अमर उजाला बहुत अच्छी मुहिम चला रहा है। - चानू शर्मा, छात्रा
इस प्रशिक्षण से हमें सीख मिली है कि विपरीत परिस्थिति में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उसी से हम किसी भी परिस्थिति में अपनी रक्षा कर सकते हैं।- भूमिका भारद्वाज, छात्रा