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फ्लाइंग सिख बोले कोई मिल्खा लाए ओलंपिक से मेडल

Sun, 22 Nov 2015 02:04 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Nov 2015 02:04 AM IST
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Anybody may bring medal from Olympics.

मैं मरने से पहले देखना चाहता हूं कि ओलंपिक में कोई मिल्खा भागते हुए भारत के नाम मेडल लेकर आए। यदि जीवन में ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है। ओबामा के दादा आर्मी में कुक तो मोदी चाय बेचते थे।

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लेकिन आज बराक ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति हैं और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री। स्वास्थ्य ही धन है, लेकिन इस धन की रक्षा परिवार के साथ मिलकर ही की जा सकती है।
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मैं अस्सी साल का हूं, लेकिन डॉक्टर के पास नहीं जाता। मुझे सिरदर्द, बदन दर्द या कोई भी दिक्कत हो तो एक्सरसाइज व दौड़ लगाता हूं। लोगों के साथ डॉक्टरों को भी अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए।
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यह कहना है फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का। वे शनिवार को रन फॉर फैमिली हेल्थ अभियान के उद्घाटन मौके पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अभियान से जुड़ने का मुख्य उद्देश्य सभी उम्र के लोगों को यह संदेश देना है कि हर उम्र के लोग नियमित रूप से दौड़कर विभिन्न बीमारियों से बच सकते हैं।

'हर उम्र के लोग लगा सकते हैं दौड़'

Anybody may bring medal from Olympics.

यानी हर उम्र के लोग दौड़ सकते हैं। साथ ही हमें किसी भी डॉक्टर के पास जांच की बजाय फैमिली डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को एकेडमी ऑफ फैमिली फिजीशयन ऑफ इंडिया (एएफपीआई) की ओर से दूसरी फैमिली मेडिसिन व प्राथमिक चिकित्सा कांफ्रेंस का आगाज हुआ। उद्घाटन मौके पर मिल्खा ने मशाल जलाकर रन फॉर फैमिली हेल्थ की भी शुरुआत की। एएफपीआई के अध्यक्ष डॉ. रमन कुमार के मुताबिक, रन फॉर फैमिली अभियान में परिवार के सभी सदस्यों को पैदल चलने और दौड़ने के लिए प्रेरित करना है।

सम्मेलन में भारत समेत विदेशों से एक हजार से अधिक विशेषज्ञ फैमिली, मेडिसिन, प्राइमरी हेल्थ केयर को बढ़ावा देने व मरीजों को उनके घर पर ही प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा करेंगे।

इससे पहले विशेषज्ञों ने कहा कि हमारे समाज में परंपरागत फैमिली चिकित्सक धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं और ऐसे में लोगों के समक्ष अपनी बीमारियों का इलाज कराने के लिए भीड़भाड़ वाले बड़े अस्पतालों का चक्कर लगाने के अलावा कोई ओर चारा नहीं है।

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